आत्महित वर्षावास 2023 के प्रथम दिवस आज हीरसुरी आराधना भवन में चातुर्मासिक चौदस की आराधना की गई।
कषायों से मुक्ति से ही मोक्ष की प्राप्ति।
रायपुर - पूज्य श्री ने प्रवचन में यह बतलाया की कषायों से युक्त आत्मा ही संसार है, और कषायों से मुक्त आत्मा ही मोक्ष है। इससे आगे समझाते हुए पूज्य श्री ने बतलाया कि कषायों का अर्थ हमारे भीतर के दोष हैं, काम, क्रोध, मोह, मान, माया और लोभ और इसी की वजह से हम दुखी होते हैं। अपने भीतर के इन दोषियों को पहचान का उन्हें दूर करने का पुरुषार्थ यही धर्म हैं, जिससे अंततः व्यक्ति को सुख अर्थात मोक्ष प्राप्त होता है।

प्रवचन के पश्चात चातुर्मासिक देववंदन किया गया। इसके पश्चात पूज्य श्री ने चतुर्मास समिति के समस्त कार्यकर्ताओं को हित शिक्षा प्रदान की। सभी को समझाया की चातुर्मास का प्रथम लक्ष्य आत्मा साधना में आगे बढ़ना, उसके पश्चात जिनशासन की सेवा करना और अंत में जिनशासन का संरक्षण करना है.चातुर्मास समिति के सदस्य सैकड़ों की संख्या में प्राप्त हितोपदेश प्राप्त किए l