महासमुंद - 13 जनवरी 2026 को केंद्र सरकार द्वारा पारित यू जी सी क़ानून के विरोध में महासमुंद के समस्त सवर्ण जाति के लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम पर कलेक्टर को ज्ञापन सौपा। हजारों की संख्या में लोग स्थानीय लोहिया चौक में दोपहर 12 बजे एकत्र हुए। सभी सदस्यों नें हाथ में काली पट्टी बांधकर बड़े ही शांतिपूर्वक तरीके से उक्त ज्ञापन सौपा। सवर्ण समाज के प्रमुखों ने बताया की केंद्र सरकार की नीति अव्यवहारिक एवं समाज को तोड़ने वाली है। उन्होंने कहा कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण समाज के द्वारा उग्र प्रदर्शन और भारत बंद का आव्हान किया जाएगा। हम सदियों से दूसरे समाज एवं राजनीतिक दलों के हित के लिए अपना व्यवसाय व उद्योग बंद करते आये हैं किंतु आज हमे अपने स्वयं के लिए व्यवसाय व उद्योग बंद करने का समय आ गया है। सवर्ण समाज का देश के विकाश में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके बाद भी केंद्र सरकार अपने वोट बैंक के लिए हमे बली का बकरा बना रही है।
आज ज्ञापन सौंपने के लिए सवर्ण समाज के अंतर्गत ब्राह्मण समाज, जैन समाज, सिख समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, मराठा समाज, छ.ग. करण महंती समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, सिंधी समाज, गुप्ता समाज, कायस्थ समाज, गुजराती समाज, बंग समाज, दक्षिण भारतीय ब्राह्मण समाज के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे। इस रैली में सवर्ण समाज की महिलाये भी बहुत संख्या में सरकार की इस नीति का विरोध करने पहुची थी। बाइक रैली लोहिया चौक से प्रारंभ होकर नेहरू चौक, कचहरी चौक, बरौंडा चौक आदि शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची। रैली में युवाओं ने काले वस्त्रों में आकर अपना विरोध दर्ज किया। ज्ञापन सौंपने हेतु जाते समय रैली ने विधायक निवास एवं भाजपा कार्यालय के समक्ष केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाकर जमकर नारेबाजी की। सवर्ण समाज प्रमुखों ने बताया की राज्य स्तर पर बैठक हो चुकी है जिसमे आगे की रणनीति तय की जा रही है। यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण समाज के सभी प्रतिनिधि पार्षद, विधायक, सांसद चाहे वो किसी भी दल से जुड़े हैं सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा देने पर मजबूर हो जाएँगे, और इस देश के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ जाएगा। जिस प्रकार नेपाल और बांग्लादेश में सरकार के एक ग़लत निर्णय के कारण जेन जी ने उग्र आंदोलन करके पूरे देश में अप्रिय स्थिति निर्मित कर दी थी वैसा ही माहौल इस देश की केंद्र सरकार बना रही है। यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो इस देश में अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है। ज्ञात हो की इस क़ानून के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय ने तल्ख़ टिप्पणी करते हुए स्थगन आदेश भी दिया है । इस ज्ञापन के माध्यम से सवर्ण समाज ने केंद्र सरकार से यू जी सी कानून को निरस्त करने की अपील की है।