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चातुर्मास 2026 के शुभ अवसर पर राजधानी रायपुर में निकला भव्य वरघोड़ा, हजारों श्रद्धालुओं ने किया पूज्य साध्वी सिद्धांत ज्योति जी म.सा. का भव्य स्वागत।

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रायपुर - श्री विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट, नाकोड़ा समिति एवं अद्भुत अनुपम एवं आध्यात्मिक चातुर्मास समिति के संयुक्त तत्वावधान में चातुर्मास 2026 के पावन अवसर पर रविवार को राजधानी रायपुर में पूज्य साध्वी सिद्धांत ज्योति जी म.सा. के मंगल आगमन पर भव्य एवं ऐतिहासिक वरघोड़ा निकाला गया। इस अवसर पर संपूर्ण शहर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा तथा सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ के लिए उपस्थित हुए।

वरघोड़ा का शुभारंभ गुरु मंदिर से हुआ, जो विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए हीरसूरी भवन पहुँचा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, जयघोष, ढोल-नगाड़ों एवं बैंड-बाजों के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर पूज्य साध्वी श्री का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम पूरे नगर में देखने को मिला।

महिलाओं, युवाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों ने बड़ी संख्या में वरघोड़े में सहभागिता निभाई। श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति और अनुशासित व्यवस्था ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

इस अवसर पर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्री कमल जी लोढ़ा, सचिव श्री हर्ष वैद्य एवं कोषाध्यक्ष श्री नरेश कोचड़ सहित समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि इस भव्य आयोजन में रायपुर शहर के विभिन्न जैन ट्रस्टों एवं सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता रही। साथ ही मालवा क्षेत्र, भोपाल क्षेत्र तथा अन्य स्थानों से भी बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ पधारे, जिससे आयोजन और अधिक भव्य एवं गरिमामय बन गया।

श्री विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट के श्री राजेश सिंघी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूज्य साध्वी सिद्धांत ज्योति जी म.सा. सिद्धांतों के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली तथा ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित करने वाली संत हैं। उनके आत्मदेशना एवं प्रवचनों से सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने विशेष रूप से भैरव भक्त मंडल, बीजीएस महिला मंडल, वासुपूज्य महिला मंडल, विमल महिला मंडल, स्वाध्याय गुरु ग्रुप सहित सभी सहयोगी संस्थाओं की अनुमोदना की तथा जय तिहार ग्रुप के सदस्यों द्वारा किए गए समर्पित सहयोग की विशेष सराहना करते हुए उनका हृदय से अभिनंदन एवं अनुमोदना व्यक्त की।

इस अवसर पर गुरुवर्या श्री ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि चातुर्मास का शुभारंभ हो चुका है। अब प्रतिदिन ज्ञान, स्वाध्याय, तप, आराधना एवं धर्मचर्चा की अविरल धारा प्रवाहित होगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया। गुरुवर्या श्री ने विशेष रूप से निगोद निवारण तप की महत्ता बताते हुए कहा कि यह तप आत्मकल्याण एवं आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने सभी श्रावक-श्राविकाओं से इस तप में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा अपने जीवन को धर्ममय एवं आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर करने का संदेश दिया।

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