रायपुर - छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र में तेली समाज के अध्यक्ष अशोक नागपुरे ने अतिथियों एवं भक्तों का स्वागत किया। दीप प्रज्वलन एवं संताजी जगनाडे जी महाराज की जय घोष के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुशीला धुर्वे ने किया।
हरदिहा साहू समाज के अध्यक्ष डेरहाराम साहू ने कहा- बच्चों को साथ रहने की शिक्षा माता-पिता को देनी चाहिए। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने स्वयं संयुक्त परिवार में रहने का उदाहरण देते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया। धीवर समाज के अध्यक्ष राम कुमार धीवर ने चौपाई के माध्यम से संयुक्त परिवार को बनाये रखने की बात कही।
अजय मधुकर काले ने कहा- पहले जब किसी कार्यक्रम को सफल करना होता था तो हम लोग कहते थे कि पांच परिवारों को बुला लीजिए 50 लोग तो एकत्रित हो जाएंगे । अब पांच परिवारों को बुलाओ तो पांच लोग भी इकट्ठा नहीं होते। परिवार के बिना जीवन का आनंद नहीं है समाजसेवी तपेश जैन ने कहा- अध्यात्म के बिना पारिवारिक मूल्यों को बचाया नहीं जा सकता। हमारे सनातन धर्म में विश्व को एक परिवार की तरह देखने की कल्पना की गई है। जी-20 में वसुधैव कुटुंबकम का संदेश भारत में संपूर्ण विश्व को दिया। यही भारत का सनातन संदेश है इसी संदेश से विश्व का निर्माण हो सकता है। विडंबना है की विश्व को परिवार मानने वाले देश में ही परिवार विखंडित हो रहे है। इसे बचाना है तो धर्म के रास्ते पर चलना होगा।
महाराष्ट्रीयन समाज की ओर से डॉ अजय आर्य मलेवार ने अपने विचार रखते हुए कहा- बच्चों को कार भले मत दो संस्कार जरूर दो। श्रीमती कावेरी ने समाधी जीत गया अंशिका रामटेक और संगीता देवांगन ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र में तेली समाज के सचिव प्रमिला धुर्वे ने सभी का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में बलराम नागपुरे डॉ जे एस उरकुरकर, श्रीमती दुर्गा चाकोले, श्रीमती चंद्रप्रभा बंजारी, दिवाकर धुर्वे, केशव चंद्र देशमुख, विमल तलमले, अधिवक्ता जे पी पांडेय, अधिवक्ता विनोद प्रधान आदि उपस्थित थे।