June 27, 2025


महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में हाथ-पैर से विशेष बच्चियों का नि:शुल्क प्रवेश जारी।

महाराष्ट्र मंडल के इस प्रकल्प से 42 सालों में 179 बच्चियों ने शिक्षा ग्रहण करने के बाद स्वावलंबी होकर नवजीवन में किया प्रवेश।


रायपुर - महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में गरीब व जरूरतमंद परिवार के हाथ- पैर से दिव्यांग बच्चियों का नि:शुल्क प्रवेश जारी है। समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में विशेष बच्चियों की पूर्णतया मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, खान-पान एवं रहवास की व्यवस्था की जाती है। जब बच्चियों हायर एजुकेशन में सफलतापूर्वक पहुंचतीं हैं, तो उनके लिए पढ़ाई के साथ स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए बच्चियों को कोचिंग में भेजने सहित हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न विजय निमोणकर ने बताया की साल 1983 में बैरन बाजार स्थित किराए के मकान में शुरू हुए दिव्यांग बालिका विकास गृह में अब तक लगभग 179 बच्चियों की शिक्षा- दीक्षा, पालन- पोषण करने के बाद उन्हें स्वावलंबी बनाकर घर वापस भेजा गया है, या उनके रोजगार के साथ रायपुर में ही रहने की व्यवस्था कराई गई है। गत चार वर्षों में दिव्यांग बालिका विकास गृह की चार बच्चियों की महाराष्ट्र मंडल में ही शादी करवा कर उनके परिवारठ के साथ विदा किया गया है।

निमोणकर ने बताया कि इस समय दिव्यांग बालिका विकास गृह से स्नातकोत्तर की डिग्री लेकर निकली बच्चियां विभिन्न निजी कंपनियों के साथ मंत्रालय, एनआईटी एवं विभिन्न शालाओं में शिक्षा कर्मी सहित विभिन्न पदों पर सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। दिव्यांग बच्चियों को इस मंजिल तक पहुंचाने में महाराष्ट्र मंडल ने अपने विभिन्न संसाधनों व सहयोग से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ समेत समीप क्षेत्र में अगर कहीं कोई निम्न आय वर्ग वाले परिवार की कोई दिव्यांग बच्ची स्वजनों की निर्धनता की वजह से स्कूल जाने में असमर्थ है, स्वास्थ्य को लेकर अपेक्षित जांच पड़ताल एवं इलाज नहीं करवा पा रही है, तो ऐसी बच्ची के परिजनों से आग्रह है कि वह समता कॉलोनी रायपुर स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में तत्काल संपर्क करें और अपनी बच्चियों के सुनहरे भविष्य को सुनिश्चित करें। 

दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर के मुताबिक इस समय दिव्यांग बालिका विकास गृह को लगभग पूरी तरह तोड़कर नया स्वरूप दिया जा रहा है। नए स्वरूप में दिव्यांग बच्चियों के लिए कई सुविधाओं का इजाफा होगा। उनके लिए कंप्यूटर रूम, इंटरटेनमेंट गार्डन, स्टडी रूम समेत विभिन्न अलग-अलग सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्र के जनता प्रतिनिधियों से भी महाराष्ट्र मंडल ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि यदि उनके संपर्क में ऐसा कोई जरूरतमंद परिवार हो, जिनकी दिव्यांग बच्ची की आसानी से चिकित्सा सुविधा, शिक्षा आदि की व्यवस्था नहीं हो पा रही हो, तो वे तुरंत महाराष्ट्र मंडल से संपर्क करें व बच्ची के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराते हुए मोबाइल नंबर सहित उसका पूरा पता भी दें।


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