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दस वर्षीय मासूम टिया नाहटा ने मरणोपरांत दो लोगो का जीवन रौशन किया।

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रायपुर - रायपुर निवासी श्री गुलाबचंद नाहटा (नगरी वाले ) की पोती व् महिमा स्टेशनरी के संचालक श्री महावीर नाहटा की बेटी टिया दस वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन होने के पश्चात परिवार ने अपनी लाड़ली की आँखे दान कर दो लोगों का जीवन रोशन किया। टिया के पिता ने बताया कि टिया के हार्ट मे प्रॉब्लम था, जिसके इलाज हेतु उसे मुम्बई ले गए थे, लौटते समय रायपुर पहुँचते ही स्टेशन के बाहर आते ही रायपुर की धरा पर अंतिम सांस लेकर इस दुनिया से चली गयी एवं टिया घर पर अक्सर कहती रहती हम भी आंखे दान करेगें उसकी ईच्छा को देखते हुए परिवार ने आंखे दान करवाकर समाज के लिए अनुकरनीय कार्य किया। दादा श्री गुलाबचंद जी बड़े पापा कुशालचंद जी, संतोषकुमार जी, पापा महावीर कुमार जी, भाई श्रेयांश सिद्धार्थ कल्प नाहटा एवं समस्त नाहटा परिवार नगरी-रायपुर-दुर्ग ने नम आँखों से नेत्रदान का निर्णय लिया। पारिवारिक सदस्य श्री नवल जैन, राकेश मालू, नवीन भंसाली एवं नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य फणेन्द्र बैद ने नेत्रदान में सहयोग किया। अरविंदो नेत्रालय रायपुर द्वारा कॉर्निया कलेक्ट किये गए, फणेन्द्र बैद ने कहा दस वर्ष कि फूल जैसी बच्ची के नेत्रदान कर नाहटा परिवार ने मानवता हेतु जो उदाहरण पेश किया है। यदि समाज उस से प्रेरणा ले तो आने वाले समय में समाज में नेत्रदान हेतु जागरूकता बढ़ेगी नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, राजेश पारख, पियूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक ने टिया को श्रद्धाँजलि दी व् नाहटा परिवार को साधुवाद दिये।

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