April 20, 2026


अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर समता भवन में दिवस को जप, तप, त्याग के साथ मनाया गया।

अक्षय तृतीया के पावन प्रसंग पर सांड परिवार के आव्हान पर समता भवन में नवकार महामंत्र जाप कर दिवस को मनाया।

खिरकिया (हरदा) - प्रतिवर्षानुसार अक्षय तृतीया के पावन पुनीत अवसर पर वर्षीतप आराधकों के अनुमोदनार्थ एवं स्मृतिशेष मांगीलाल सांड के जन्म दिवस के अवसर पर नवकार महामंत्र जाप का आयोजन स्वरूपचंद, हरकचंद, विमलचंद सांड परिवार द्वारा 20 अप्रैल सोमवार को को प्रातः 8:30 बजे से 9:30 बजे तक समता भवन खिरकिया में आयोजन रखा गया साथ ही इक्षु रस का किया पारणा आखातीज महान जय जय आदिनाथ भगवान एवं नवकार मंत्र है महामंत्र इस मंत्र की महिमा भारी है जैसे भजनों से समता भवन गुंजित हो उठा जिसमें सैकड़ों श्रावक - श्राविकाओ के अलावा गुरु भक्त भी उपस्थित रहे। साथ ही वर्षीतप  आराधकों का पारणा इक्षु (गन्ने) के रस से करवाने की परंपरा का आशय है कि प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव (आदिनाथ भगवान) को 13 महीने वाद श्रेयांश राजा के राज महल में इक्षु रस से पारणा करवाया गया था। इसी परंपरा अनुसार आखातीज के पावन प्रसंग पर वर्षीतप आराधकों को इक्षु रस से पारणा करवाया साथ ही जाप में पधारे श्रद्धालुओं, गुरुभक्तों सहित मिलने जुलने बालों को भी इक्षु रस प्रदान कर दिवस की सार्थकता को सिद्ध किया।

यह जानकारी आशीष समदड़िया ने प्रदान की और सभी तपस्वियों के तप की खूब खूब अनुमोदना की साथ ही श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ के आव्हान पर पूरे देश में तोस्वियों के अनुमोदन में दिवस को एकासना दिवस के रूप में मनाया गया।

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