June 18, 2026


विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में जैन धर्म का ऐतिहासिक उल्लेख और अनेकों पुरातत्विक अवशेष और विरासत-स्थलों का विषय केंद्र सरकार राज्य सरकार के पूरे तंत्र के समक्ष रखा गया।

श्री विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदवी समारोह में अपनी भावना व्यक्त की।

रायपुर - रायपुर में आज श्री विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदवी समारोह में अपनी भावना व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जैन धर्म का ऐतिहासिक उल्लेख और अनेकों पुरातत्विक अवशेष हजारों बर्षो से उपलब्ध है उन्होंने पहली बार छत्तीसगढ़ में बिखरी उपेक्षित जैन प्रतिमाओं, मूर्तियों, पुरातात्विक अवशेषों और विरासत-स्थलों का विषय इतने स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार राज्य सरकार के पूरे तंत्र के समक्ष रखा गया।

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संबोधन में सरगुजा, मल्हार, सीताबेंगरा, आरंग, बकेला, जगदलपुर, बस्तर, मदकू द्वीप और सिरपुर,और नगपूरा पार्श्व नाथ की प्राचीनता का उल्लेख करते हुए बतलाया कि कल्चुरी वंशज के राज्य से जैन धर्म का छत्तीसगढ़ में वर्चस्व रहा है आज भी अनेको स्थलों पर इसका उल्लेख मिलता है। 


कार्यक्रम में जैन आचार्य श्री पीयूष सागर जी, श्री सम्यकरत्नसागरजी सहित अनेक साधु साध्वी तथा लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी और केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री विधायक राजेश मूणत आदि देश-भर के हजारों गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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