नगपुरा तीर्थ (दुर्ग) - श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ परिसर में संचालित प्राकृतिक -योगोपचार संस्थान आरोग्यम् नगपुरा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। प्रातः सूर्योदय के साथ ही नवकार महामंत्र की जाप के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संस्थान के सभागृह में मुम्बई के प्रख्यात आर्युवेदाचार्य डा मिलिंद जैन,डा भारती रमन ने दीप प्रज्वलित कर योगोत्सव का शुभारंभ किया।

योग साधना के अंतराल में साधकों को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दानेश्वर टंडन ने कहा कि " योग एक प्राचीन भारतीय पद्धति है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाती है, यह आसनों, श्वास नियंत्रण (प्राणायाम) और ध्यान का अनूठा संगम है जो जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों को दूर कर सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करने में अत्यंत प्रभावी है।"
चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदित्य उपाध्याय ने योग के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दैनिक आहार-आचार-विचार और दिनचर्या को संतुलित रखकर हम बहुत कम समय में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या रात्रे ने प्राणायाम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा में वायु चिकित्सा भी एक प्रभावशाली विधा है,यह पंचतत्व का एक अंग है।
कार्यक्रम में डॉ. दीपा शिखा देशमुख, टुमन बंजारे, जागृति गुप्ता, राहूल लोहिया, सुनीता प्रीतमानी, रश्मि चैमानी, संगीता ठाकुर, मयूर टांक, अनुराग जायसवाल, आनंद अग्रवाल, जयेश (बॉबी) शाह ,वंदना शाह, वर्धमान गुरुकूल के विद्यार्थी, शिक्षकगण, आरोग्यम के साधकगण तथा नगपुरा के ग्रामीण उपस्थित रहें।