रायपुर - आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत रायपुर स्थित श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी में सोमवार को कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका एवं छत्तीसगढ़ के लगभग 40 स्थानों पर मंदिर और दादाबाड़ी निर्माण की प्रेरणादात्री परम पूज्य निपुणा श्रीजी महाराज साहिबा का 54वां दीक्षा दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सामूहिक धार्मिक आयोजन कर श्रद्धालुओं ने उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 8:45 बजे पूज्य मंजुला श्रीजी महाराज साहिबा की पावन निश्रा में हुआ। कार्यक्रम के दौरान सामायिक सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियां संपन्न हुईं। सामायिक के माध्यम से आत्मचिंतन, पापों के प्रायश्चित, स्वाध्याय, कर्मों की निर्जरा तथा जीवन में मैत्री, करुणा और समता के भाव विकसित करने का संदेश दिया गया।
दीक्षा दिवस के अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने पूज्य निपुणा श्रीजी म.सा. का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व और धर्मसेवा को नमन किया। श्रद्धालुओं ने उनके साथ जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार, प्रेरणाएं और धार्मिक कार्य आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुनि संवेगरत्न सागर ने कहा कि पूज्य निपुणा श्रीजी म.सा. के गुणों का वर्णन शब्दों में संभव नहीं है। यदि उनके व्यक्तित्व और धर्मकार्य की व्याख्या की जाए तो समय भी कम पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके जीवन से समाज को सेवा, साधना, त्याग और जिनशासन के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि पूज्य निपुणा श्रीजी म.सा. के सान्निध्य और प्रेरणा से छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 40 मंदिरों एवं दादाबाड़ियों का निर्माण हुआ, जो आज जैन समाज की धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
कार्यक्रम में श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय भंसाली, आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 समिति के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।