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संतों से मिलने वाली प्रेरणा जीवन का सबसे बड़ा उपकार है: साध्वी मंजुलाश्रीजी

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आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026

रायपुर - आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी में आयोजित प्रवचन में पूज्य साध्वी मंजुलाश्रीजी महाराज साहिबा ने आध्यात्म सार ग्रंथ का वाचन करते हुए कहा कि यदि मनुष्य यह समझ ले कि संतों से मिलने वाली प्रेरणा उसके जीवन का सबसे बड़ा उपकार है, तभी जिनवाणी का वास्तविक सार्थकता के साथ श्रवण होता है।

उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य केवल प्रवचन सुनने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके विचार और उपदेश मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। जो व्यक्ति संतों की प्रेरणा को आत्मसात कर अपने आचरण में उतारता है, वही धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझ पाता है।


साध्वीश्री ने कहा कि जिनवाणी का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्ति के विचार, व्यवहार और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब श्रद्धालु संतों के मार्गदर्शन को स्वीकार कर आत्मचिंतन और आत्मसुधार का प्रयास करता है, तभी उसका जीवन धर्ममय और सार्थक बनता है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से संतों के सान्निध्य का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा जिनवाणी के संदेशों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

51 दिवसीय परमात्म भक्ति में समकित डाकलिया ने बांधा समां

आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी में आयोजित 51 दिवसीय परमात्म भक्ति के क्रम में सोमवार को भजन गायक समकित डाकलिया ने भक्तिमय प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

परमात्म भक्ति के दौरान उन्होंने प्रभु महावीर एवं जैन धर्म पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। पूरे वातावरण में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।


आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर परमात्म भक्ति का लाभ प्राप्त किया। समिति ने बताया कि 51 दिवसीय परमात्म भक्ति का आयोजन प्रतिदिन दादाबाड़ी में पूज्य साध्वी मंजुलाश्रीजी म.सा. एवं साध्वी मंडल के पावन सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है।

51 दिवसीय परमात्म भक्ति महोत्सव का शुभारंभ, भक्ति संध्या में उमड़े श्रद्धालु

श्री जिनकुशल जैन दादाबाड़ी में आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के अंतर्गत आयोजित 51 दिवसीय परमात्म भक्ति महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर परमात्म भक्ति का लाभ प्राप्त किया।

रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित भक्ति संध्या में लाभार्थी परिवार के सौजन्य से परमात्म भक्ति संपन्न हुई। कार्यक्रम के समापन पर आरती भी लाभार्थी परिवार द्वारा की गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति और आराधना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

भक्ति संध्या में परिधि भंसाली, प्रणीत भंसाली एवं लब्धि भंसाली ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

यह आयोजन पूज्य केवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी महोदया विपणाश्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्याओं एवं प्रवचन प्रभाविकाओं मंजुला श्रीजी म.सा., मृदुयशा श्रीजी म.सा., सम्यगनिधि श्रीजी म.सा. तथा सम्यगप्रज्ञा श्रीजी म.सा. के पावन सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है।

आयोजन का संचालन श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट, रायपुर द्वारा किया जा रहा है। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) रायपुर चैप्टर की यूथ विंग भी आयोजन में सहयोग प्रदान कर रही है।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों में अध्यक्ष, मुकेश निमगाणी (महासचिव), चिंतन मालू (कोषाध्यक्ष), विजय कांकरिया (अध्यक्ष), अभय कुमार भंसाली (कार्यकारी अध्यक्ष), नरेश बैदमुथ्या (ट्रस्टी), राजेन्द्र गोलछा (ट्रस्टी) एवं उज्ज्वल झाबक (ट्रस्टी) उपस्थित रहे। महोत्सव आगामी 51 दिनों तक प्रतिदिन रात्रि में आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु परमात्म भक्ति और आराधना का लाभ प्राप्त करेंगे।

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