पंडरिया - जिला कवर्धा के साथ साथ प्रदेश भर में अपने अलग कार्यों से प्रसिद्धि पाने वाली बेजुबान सेवा समिति ने कल फिर एक अपने जीवदयता को प्रदर्शित किया, जिसमे 112 पुलिस विभाग द्वारा बंदर मां बच्चे दोनो को लाकर सेवा स्थल छोड़ा था, दोनो घायल थे सेवा स्थल लाते तक मां की मृत्यु हो गई, और बच्चा अभी दुधमुहा है, ये स्थिति हम सबको तोड़ने वाली होती है, लेकिन बच्चे का रोना देख नया जीवन देने के लिए, सम्भाल कर देखभाल करने का प्रयास करना हमे जीवन के कई बड़े संघर्ष में लड़ने को प्रेरणा देती है। बेजुबान सेवा समिति द्वारा निरंतर सेवा कार्य हर जगह यथा सम्भव स्थान में पहुंच कर किया जा है, क्षेत्र में इनके कार्यों से सभी वर्ग प्रसन्न होकर सराहना करते हुए सहयोग करते है, युवाओं की टीम जान जोखिम में डाल कर अपना पूरा प्रयास करते हुए बेजुबान जीवो की सेवा में लगी हुई है, विगत चार वर्षो से यह टीम कार्य कर रही है, युवाओं की यह टीम कोविड के पूर्व से अपना कार्य प्रारंभ किए थे, जो आज क्षेत्र में एक बेहतरीन कार्यों के लिए पहचान बन रही है, छोटे से स्थान ने सेवा स्थल बना कर हाथ पैर कटे जीवो को ठीक कर नया जीवन देने का प्रयास करते है, स्वयं के लिए जीने अलावा दूसरो के दर्द को समझना ही मानवीय कर्तव्य है ठीक करने के बाद उसके नियत स्थान तक वापस छोड़ने का काम भी यह टीम बेजुबान करती है, सेवा स्थल में कई ऐसे जीव जो तकलीफ में इलाज चल रहा है, बच्चे को जल्द ही उनके दल में ले जाकर छोड़ा जायेगा।