रायपुर - रेल्वे में पिछले एक माह से सफाई का ठेका समाप्त हो चुका है, जिसके चलते ट्रेनों में एक भी सफाईकर्मी नही होता है। ट्रेनों में पानी की आपूर्ति बराबर नही है। सफाई कर्मचारियों के नही होने से कोच में गंदगी पसर रही है, जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मांग की है, कि सफाई व्यवस्था तुरन्त दुरुस्त की जानी चाहिये। जब सरकार टिकट भाड़ा की पूरी व ज्यादा वसूली कर रही है, तो सुविधाएं अधूरी क्यों? वैसे ही विगत दिनों से कई ट्रेनें रद्द होने से यात्री परेशान हैं। और जो ट्रेनें संचालित है, उनमें गंदगी का आलम है। बदबू से यात्रियों का बुरा हाल है, और बीमार होने का खतरा भी है।
महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बिलासपुर से भगत की कोठी राजस्थान जाने वाली ट्रेन का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की यात्रियों व ए सी कोच अटेंडेंट ने बताया कि पिछले एक माह से केवल अटेंडेंट की ही ड्यूटी लगाई जा रही है। जबकि पहले एक ट्रेन में 4 सफाई कर्मी हुआ करते थे, जिसमें से दो कर्मी ए सी कोच व दो कर्मी स्लीपर कोच की सफाई किया करते थे। 30 घण्टे की यात्रा में ट्रेनें बिना सफाई व्यवस्था के चलाई जा रही है। रेल मंत्रालय को आर्थिक फायदा हो रहा होगा, लेकिन यात्री परेशान परेशान है। इस ट्रेन में दो रात का सफर है, और ऐसे में लेटरिंग में अकल्पनीय गंदगी हो और पानी की आपूर्ति बराबर न हो तो यात्रा नारकिय तकलीफ सी महसूस होती है। ऐसा लगता है कि सरकार की नजर में रेलयात्रियों की कोई कीमत नही रह गई है। कई बार प्रधानमंत्री व रेलमंत्री द्वारा रेलयात्रियों को एयरप्लेन जैसी सुविधा देने की घोषणा की जाती है। लेकिन टेंडर न कर रेलमन्त्री रोजगार के अवसर छीनने का काम कर रहे हैं, जिससे अनुसूचित जातियों का सीधा नुकसान हो रहा है।
जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने केन्द्र सरकार से मांग की है, कि शीघ्र सफाई कर्मियों की नियुक्ति हो। स्वच्छ, सुगम व सुविधाजनक यात्रा जनता का अधिकार है।