दुर्ग - गजानननगर निवासी श्रीमती तारिणी चौबे की इच्छा थी की उनकी मृत्यु के बाद उनकी देहदान कर दी जाए, किन्तु तकनीकी कारणों से परिवार उनके निधन के बाद उनका देहदान नहीं कर पाया, और आज तारिणी चौबे की तेरहवीं के अवसर पर पुरे परिवार ने देहदान की घोषणा कर परिवार की मुखिया को श्रद्धांजलि दी। तारिणी चौबे के पुत्र विजय चौबे, अजय चौबे, वधु दिव्या चौबे, पुत्री आशा तिवारी, दामाद जयंत तिवारी, देवरचंद्र शेखर चौबे व देवरानी निर्मला चौबे ने अपने देहदान की घोषणाकर वसीयत नवदृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, उज्व्वल पींचा, हरमन दुलाई, रितेश जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र करिया, प्रफुल जोशी को सौंपी। बीएसपी कर्मी विजय चौबे ने कहा उनकी माँ के निधन से पूरा परिवार शोक में था, व उनकी देहदान की इच्छा पूरी नहीं कर पाना सभी सदस्यों को चोट कर गई व पुरे परिवार ने देहदान का निर्णय लिया, ताकि सभी के जाने के बाद उनकी देह मेडिकल के छात्रों की रिसर्च के काम आए व नेत्रों से दो लोगों को नई ज्योति मिल सके। नवदृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया ने कहा चौबे परिवार के 7 सदस्यों ने आज देहदान की घोषणाकर स्व. तारिणी चौबे को सच्ची श्रद्धांजलि दी आशा है, समाज चौबे परिवार के इस निर्णय से प्रेरणा लेगा व देहदान, नेत्रदान हेतु जागरूक होगा। तेरहवीं कार्यक्रम में उपस्थित रिश्तेदारों, मित्रों व सामाजिक लोगों ने चौबे परिवार के सदस्यों के देहदान के निर्णय की सराहना की। रितेश जैन ने कहा यदि कोई देहदान व् नेत्रदान पर कोई जानकारी चाहता है, तो हमारे सदस्यों से सम्पर्क करे या 9826156000/9827906301 नंबर पर फोन कर जानकारी ले सकता है। नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, किरण भंडारी, रितेश जैन, जितेंद्र हासवानी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, राजेश पारख, पियूष मालवीय, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सूरज साहू, संतोष राजपुरोहित, चेतन जैन, दीपक बंसल, जितेंद्र कारिया, अभिजीत पारख, सपन जैन, मोहित अग्रवाल ने देहदान के निर्णय हेतु चौबे परिवार को साधुवाद दिया।