पंडरिया - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत शासन की राशि से आवासीय परिसर बनाया गया है, उसे चिकित्सा अधिकारी कर्मचारियों को आबंटित किया गया है। उस पर शासन के द्वारा नियानुसार बनाए गए निर्धारित दर पर किराया वसूला किया जाना भी है, किन्तु पंडरिया में उच्च कार्यालय का कोई आदेश नही होने का हवाला देकर किराए की राशि नही लिया जा रहा है। इस बात की जानकारी सूचना का अधिकार के तहत प्रदान किए गए दस्तावेज पर है। इस जानकारी में कुछ ऐसे नामो का उल्लेख आया है, जो इस संस्था में कार्यरत नही हैं। जो की जानकारी भ्रामक होने को बलवती करता है, आज के तारीख में उन नामों के स्थान पर दूसरे अधिकारी कर्मचारी अस्पताल में कार्यरत हैं। कर्मचारियों में आवासी रूम आबंटन को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। कबीरधाम जिले में स्वास्थ्य अधिकारियों एवम् कर्मचारियों को शासकीय भवन आबंटन किया गया है, किराए की राशि वसूली के लिए नियम भले ही नही बनी हो, किंतु बालोद जिले में स्वास्थ्य कर्मियों को आबंटन किया गया, शासकीय मकान का किराया वसूला जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकारी नियम एक जैसे होना चाहिए, किंतु कबीरधाम जिले में स्वास्थ्य कर्मियों के आबंटित भवन का किराया नही लिया जाना अनियमितता की संदेह को जन्म देता है। चूंकि पंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक जूनियर नए नवेले डाक्टर को बीएमओ का प्रभार दे दिया गया है, जबकि उनसे वर्षो सीनियर डॉक्टर को नही दिया जाना शासन आदेश की अवहेलना के साथ ही जान समझकर विवाद को जन्म दिया गया है।
जिले के स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी कर्मचारी अपने कारगुजारी के नाम से जाने पहचाने जा रहे हैं। जूनियर सीनियर कर्मचारियो का विवाद बहुत पुराना हो गया है, अटेचमेंट की व्यवस्था समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारी इधर से उधर हुए है जो प्रताड़ित है। सही मायने में बात कही जाय तो कबीरधाम जिले में स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था बहुत ही खराब चल रही है। फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रहा है। तभी तो अनियमितता करने वालों का हौंसला बुलंद होते जा रहा है।