पंडरिया सिर्फ घोषणा करने वाला चुनावी बजट है, पूर्व में भी इनके द्वारा बहुत सारी नगर पंचायत एवं नगर पालिका व् तहसील की घोषणा कर चुके है। जहाँ आज तक एक पत्थर नहीं लगा है। भूपेश बघेल को सिर्फ घोषणा करना पूरा कौन करता है, प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत आवास को नहीं देकर नया सर्वे करना जाँच करना गरीबो के साथ छलावा नहीं तो और क्या है। इस बजट में मध्यमवर्गी नौकरीपेश एवं गरीबो के लिये कुछ नहीं है, घोषणापत्र का बजट में जिक्र तक नहीं है सिर्फ छलावा है।