कवर्धा - इस साल 7 अप्रैल को गुड फ्राइडे मनाया जा रहा है। ईसाई धर्म के अलग-अलग देशों में गुड फ्राइडे को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। कहीं इसे हो बीबीली फ्राइडे तो कहीं इसे ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं। इस दिन प्रभु ईसा मसीह को तमाम तरह की यातनाएं देने के बाद सूली पर चढ़ाया गया था। इस दिन को शोक के रूप में मनाया जाता है। ईसाई समुदाय इस दिन को ईसा मसीह के बलिदान के रूप में याद करता है। माना जाता है कि जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था वह दिन शुक्रवार का था। ऐसे में इस दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है। इस दिन आप अपने दोस्तों रिश्तेदारों को खास मैसेज भेज कर ईसा मसीह के योगदान के बारे में बता सकते हैं। शिकवे दिल से भुला देना, नेकी की दुआ करना, दुआ देना, दुआ लेना, गुड फ्राइडे के दिन में ईसा मसीह से क्रूस पर दिए सात वचन का मूल संदेश है! उसने सारे मनुष्यों के उद्धारकर्ता के रूप में उनके पापों के बलिदान के रूप में अपने को दे दिया। अक्सर गुड फ्राइडे को लेकर लोगों के मन में सवाल आता है कि इस दिन को गुड फ्राइडे क्यों कहा जाता है, जबकि इस दिन तो ईसा मसीह की मृत्यु हुई थी। दरअसल, ईसा मसीह ने लोगों की भलाई के लिए अपनी जान दी थी। इसीलिए इस दिन को गुड फ्राइडे कह कर संबोधित किया जाता है। शुक्रवार को सभी चर्चो मे उपवास की प्रार्थना दोपहर से शाम तक होगी उपरोक्त जानकारी रेव. प्रभास लाल एवं सदस्य अल्प संख्यक कल्याण समिति तथा सचिव संयुक्त मसीह समाज कवर्धा विनिष जॉय ने दी हैl