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कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव नियुक्त होने पर सकल जैन समाज ने पारस चोपड़ा का अभिनन्दन किया।

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रायपुर - श्री सीमंधर स्वामी जैनमंदिर व चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी, भैरव सोसायटी में चैत्री पूनम के अवसर पर दादागुरुदेव की बड़ी पूजा में सैकड़ों गुरुभक्तों ने भाग लिया। यहाँ लगातार 5 वर्षों से हो रही यह 60वीं बड़ी पूजा है। श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि आज दादागुरुदेव की बड़ी पूजा में श्री पारस चोपड़ा विशेष रूप से शामिल हुवे। इस अवसर पर सकल जैन समाज व श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट द्वारा श्री पारस चोपड़ा के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव बनाये जाने प्रत्यर्थ अभिनंदन किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव के पद पर नियुक्ति से जैन समाज का गौरव बढ़ा है। दादागुरुदेव कि बड़ी पूजा आरम्भ करते हुए श्रद्धालुओं ने श्री गुरुदेव दयाल को मन मे ध्यान लगाएं अष्ठ सिद्धि नव निद्धि मिले मनवांछित फल पाए के गुणानुवाद की चौपाइयों के साथ गुरु इक्तिसा के संगीतमय पाठ के साथ चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरी जैन दादावाड़ी भैरव सोसाइटी में पूनम की बड़ी पूजा का आगाज किया गया, बड़ी पूजा का प्रारम्भ नारियल अक्षत नैवैद्य के समर्पण मंत्र के साथ भक्तों ने प्रारम्भ कि। उपरोक्त जानकारी ट्रस्ट के महासचिव महेन्द्र कोचर व ट्रस्टी नीलेश गोलछा ने देते हुए बताया कि सर्वप्रथम ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद ने चैत्री पूनम पूजा में चारों दादा गुरुदेव के चमत्कारिक जन हितेषी उपकारों का वर्णन करते हुए प्रथम पूजा के जलाभिषेक विधान की पूजा में लाभार्थी परिवारों ने अभिषेक किया, उसी तारतम्य में क्रमशः जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य व फल के समर्पण के 8 विधान सस्वर मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। फल पूजा कद विधान फल पूजा से फल मिले प्रगटे नवे निधान के बोलो के साथ संपन्न हुई, नवा विधान वस्त्र पूजा लक्ष्मी लीला पावे रे सुंदर जे गुरु वस्त्र चढ़ावे जे गुरु वस्त्र चढ़ावे के संगीतमय बोलो से प्रारम्भ हुआ। वही सुप्रसिद्ध भजन गायक वर्धमान चोपड़ा ने कैसे कैसे अवसर में गुरु राखी लाज हमारी मोको सबल भरोसो तेरो चंद्र सूरी पट्टधारी के समर्पण बोलो से गुरु से अरदास की कु. दीप्ती बैद ने गुरु तेरे चरणों की धूल जो मिल जावे सच कहता हूं मेरी तगदीर बदल जाये दादा तेरे चरणों की, के बोलो से सभी भक्तों के लिए गुरु का आशीर्वाद मांगा। वही दसवीं पूजा में चांदी की ध्वजा को महिलाओं ने सिर पर रखकर धूप दीप चवर के साथ दादा गुरु की छतरी की 3 फेरी देकर इन बोलो, ध्वज पूजन कर हरख भरी- हरख भरी रे देवा हरख भरी रे के चौपाई के साथ शिखर पर ध्वजारोहण किया। पूजा में पदम गोलछा, अशोक कोचर, प्रकाश पारख, नीलेश गोलछा, वर्धमान चोपड़ा, दिलीप पारख, निर्मल पारख, जयंती लोढ़ा, श्रीमती मंजू कोठारी, सरला बैद, ममता नाहर ने भाग लिया। पूजा का समापन आरती मंगल दीपक के साथ हुआ।

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