कवर्धा - पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर एक माह से आंदोलन पर बैठे हुए हैं, सरकार उनकी मांगों पर कोई जवाब नहीं दे रही है। उनके समर्थन में धीरे धीरे प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों के सरपंच आंदोलन पर उतारने लगे हैं। कहीं कंही तो ग्राम सभा को स्थागितकर मांग को समर्थन करने लगे हैं। ग्राम पंचायतों के सचिव के आंदोलन में चले जाने से ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्य बाधित होने के साथ ही ग्रामीणों के छोटे छोटे कार्य भी बाधित हुई है। आनेवाले 6 महीने बाद विधानसभा चुनाव होना है, राज्य सरकार जिद पर उतर आयी है, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा राज्य सरकार अपनी घोषणा पत्र को भूल गई है। पिछले विधानसभा चुनाव के समय भी पंचायत सचिवों आन्दोल हो रहा था, जिस पर अपनी समर्थन देते हुए कांग्रेस पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ में आने पर मांग पूरी करने की बात कही थी, किन्तु ये सरकार सत्ता प्राप्ति के बाद अपनी वायदा भूल गई है, हठधर्मियता पर उतर आई है इसका परिणाम भी भुगतने को तैयार रहे। यह बातें पंडरिया में आंदोलन पर बैठे सचिव संघ के ने विज्ञपति के माध्यम दिया है। विज्ञप्ति पंडरिया सचिव संघ ब्लाक अध्यक्ष शत्रुहन चंद्रवंशी ने जारी किया है।