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काम पर समय से जाते हैं पर मंदिर जाने समय तय नहीं : संत विरागमुनि

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रायपुर - दादाबाड़ी एमजी रोड में जारी धार्मिक शिक्षण शिविर व प्रवचन सभा के अंतर्गत बुधवार को दिव्य तपस्वी संतश्री विरागमुनि ने कहा कि आजकल लोग मंदिर भी अपने समय से आते-जाते हैं क्योंकि रुचि नहीं है, बस फॉर्मेलिटी रह गई है। जबकि आप ऑफिस या दुकान जाते समय ऐसा नहीं करते। आज भाव धर्म की रुचि किसी में नहीं है। बड़े लोग भी दान करने के समय सोचते हैं। मोक्ष का रास्ता आसान करना है तो स्वाध्याय को जीवन में प्राण बना लें। ज्ञान का लक्ष्य रखें, एक बार ज्ञान का जैन रस लग गया, मजा आ गया तो सभी इंद्रियां जीत लोगे और मोक्ष भी हाथ में ही दिखने लगेगा। आज लोगों को पाप-पुण्य में फर्क समझ नहीं आ रहा। मुनिश्री ने कहा कि आज आपको माता-पिता के प्रति, समाज के प्रति, संतान के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना है। संसार के प्रति आदर भाव रखना है, उदासीन हृदय से भी आपको पाप नहीं करना है। जिस दिन पाप आपको पाप लगेगा उस दिन फिर भी आप बच जाओगे। जबकि आज तो वर्षों से लोग स्वाध्याय कर रहे हैं फिर भी उन्हें पाप और पुण्य में फर्क समझ नहीं आ रहा है।

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