पंडरिया - राजतन्त्र की कहानी केवल किताबों में ही रह गया है, किन्तु राजा का महत्व आज जनता समझती ह। राजतन्त्र् का जमाना लोकतंत्र लागु होने के बाद से लगातार घटता ही जा रहा है। पर राजपरिवार के लोग उसकी महत्ता को कम नही आंक रहे हैँ, तभी तो राजा के चलेजाने के बाद परिजनों में सियासत जारी है। चारण भाठ भी पीछे नही हट रहे हैं। वैसे भी राज अपने दुनिया से जाने के पहले उत्तरा अधिकारी बना दिया हो तो उस पर तोहमत लगाने की चेष्टा नही होना चाहिए। पंडरिया में सब हो रहा है। जनता सब देख रही है। उधर छोटे भाई राज्या अभिषेक करा लिया है इधर बड़े पुत्र सुनील राज का भी राजतिलक हो गया है। जो जानकारी प्राप्त हुई उसके मुताबिक।
उल्लेखनीय हैं की विगत 5 जून 2023 को पंडरिया प्राचीन जमीदारी के सर्वराकार राजा कृष्णराज सिंह का 74वर्ष के आयु में बिलासपुर अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। अन्तिम संस्कार के पूर्व रायल फैमली के रीति रिवाज के अनुसार राजा के मृत्यु होने पर ,, दाह क्रिया के पूर्व राज पुरोहित के द्वारा राजा के ज्येष्ठ पुत्र सुनीलसिंह राज को तिलक करके तथा राजा के पगड़ी पहनाकर राजा के खाली आसान पर मंत्रोचार के साथ राजकीय विधि से सैकड़ो जनता के समक्ष बैठाया गया और फिर उनसे आज्ञा प्राप्त कर उनके छोटे पुत्र कुमार आकाश राज सिंह द्वारा 5 पिंडदान करके अग्नि संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया, 7जून 23 को तिजवा के दिन अस्थि संचय का कार्यक्रम हुआ, 14जून 23 को त्रिवेणी संगम प्रयागराज में दशगात्र पिंडदान अस्थि विसर्जन, सजिया दान गोदान, आदि कार्यक्रम संपन्न हुआ, 15जून को पंडरिया राजमहल परिसर में महापात्र भोजन कराया गया, फिर आज 17जून 23को तेरहवीं का कार्यक्रम निसान पूजन एवम ब्राम्हण भोज के साथ शुरू हुआ। जिसमें जमीदारी के 484गांवो के ग्रामवासी सहित नगर एवम 36गढ़ के अनेक राज परिवारों के सदस्यों ने भाग लिया, तेरहवीं सामूहिक भोज में हजारों की संख्या में बच्चे बूढ़े जवान महिला पुरुष तथा नगर के सभी जातिधर्म और वर्ग के लोगों ने भाग लेकर अपने प्रिय पूर्व राजा कृष्णराज सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित किए सूर्यास्त के बाद कवर्धा स्टेट के राजा योगेश्वेर राज सिंह राजा, (पूर्व विधायक, कवर्धा) एवम पूर्व विधान सभा उपाध्यक्ष ठाकुर धर्मजीत सिंह (विधायक लोरमी) के विशेष उपस्थिति में, जमीदारी परंपरानुसार शुद्धिकरण उपरांत पुन: पूर्व राजा के जेष्ठ पुत्र सुनील राज सिंह का तिलक पूजन एवम पगड़ी रस्म का कार्यक्रम जनता दरबार लगाकर खुले आम किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में परिजन के अलावा 45सर्व समाज प्रमुख ब्राम्हण, क्षत्रिय, वैश्य, सिक्ख, जैन, मुस्लिम, सर्व गोंड, यादव, स्वर्णकार, सतनामी, अहिरवार, धूलिया, धुरी, कुम्हार, चंद्रसेन, ठाकुर, सारथी, चंद्रवंशी, चंद्राकार, गौरिया, स्वीपर, महरा, बैगाअन्य जनजातीय सहित आम लोग शामिल हुए नव नियुक्त राजा सुनील राज के दोनों कुमार अमर राज सिंह कुमार आकाश राज सिंह राज पुरोहित, सभी मंदिरों के पुजारीगण, सर्व आदिवासी गोंड समाज के सम्मानित प्रतिनिधि गण, राम जानकी मन्दिर, महामाया मन्दिर, शीतला मन्दिर के पुजारी गण सहित अनेक राजवाड़े के सदस्यों के अलावा, महेश चंद्रवंशी पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य, विशेसर पटेल, पूर्व गौ सेवा आयोग अध्यक्ष, राधेलाल भास्कर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेश जायसवाल, रामकुमार ठाकुर पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष, पारस बंगानी पूर्व जनपद उपाध्यक्ष, प्रदेश गुप्ता समाज अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, पार्षद शंकर राव, श्यामू धूलिया, सांसद प्रतिनिधि चंद्रकुमार सोनी, नवल पांडेय, अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों व नगरवासियों ने भाग लिया।