पंडरिया :- नगर में सिम्फनी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित स्वरांजली कराओके संगीत कार्यक्रम शानदार, यादगार एवं मंत्रमुग्ध कर देने वाला रहा। जिसमे नगर एवं पूरे कवर्धा जिले सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आये कुल 42 प्रतिभागियों ने अपने-अपने गायन कला से संगीत की इस महफ़िल में चार चाँद लगा दिए। जिसकी चर्चा नगर सहित पुरे जिले भर में जोर शोर से हो रही है। आयोजक राजीव श्रीवास्तव, पवन पाठक एवं विकास शुक्ला ने बताया कि इस कार्यक्रम हेतु विगत एक माह से तैयारी की जा रही थी, जिसमे पंडरिया, महली, अंधियारखोर, कापा, भुवालपुर, नेउर, रमतला, मोहगांव, लोरमी, मूँगेली कोरबा, गरियाबंद सहित कवर्धा से अनेकों प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता निभाते हुए दमदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर की देवी वीणावादिनी माँ सरस्वती जी की पूजन अर्चन एवं संगीतमय श्री हनुमान चालीसा के साथ हुआ। इस संगीत कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह की मुख्यअतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राजिन सुजीत गायकवाड़, कार्यक्रम की अध्यक्षता कसौंधन वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, विशिष्ट अतिथि वार्ड क्र. 07 की पार्षद श्रीमती ममता योगेश शर्मा रहें, जिनका पुष्प गुच्छ के साथ आयोजको एवं प्रतिभागियों ने स्वागत व सम्मान किया। अतिथियों ने इस संगीतमयी कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजक टीम को बधाई देते हुए सभी प्रतिभगियों को शुभकामनाएं दिये तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहना चाहिए, जिससे नई-नई प्रतिभाएँ निखर कर सामने आती है। नगर के इतिहास में इस तरह का यह पहला आयोजन है, जिसमे अच्छे और सम्भ्रांत परिवार की बहू- बेटियों एवं बच्चों तक ने अपनी सहभागिता व उपस्थिति देकर इस कार्यक्रम की गरिमा व रौनकता को बढ़ा दिए। इस पूरे कार्यक्रम के शानदार और दमदार आकर्षण का केंद्र रहे कवर्धा के प्रतिभागियों के अतिरिक्त गरियाबंद से पधारे अब्दुल गगरिन खां जी, जिनके दर्दे दिल दर्दे जिगर गीत की लाजवाब प्रस्तुति बस देखते ही बन रही थी, संगीत का प्रेम खान जी को गरियाबन्द से पंडरिया तक खींच लाया, जबकि इस क्षेत्र से ना ही उनकी कोई जान पहचान है ना ही कोई रिश्तेदार। फिर भी अपने गायिकी के लिए आप यहाँ आकर बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दिए। इसके साथ ही शंकर राव की जिंदगी के सफर में, माधवेश केशरी जी की उड़ जा काले कांवा, दिव्या ठाकुर की अँखियों के झरोखे से, नीलेश गोस्वामी की छुपाना भी नही आता, रमेश रावत की ओ मेरे दिल के चैन, सुरेश झारिया की बड़ी दूर से आये हैं, चैतन्य साहू की जसगीत, शिवेंद्र चंद्रवंशी की रिमझिम गिरे सावन, गीता राम साहू की हम तो है परदेश में, सती मरकाम की काबर समाये रे बैरी नयना म, धर्मराज साहू कि प्यार हमारा अमर रहेगा, सन्तोष कसार की राम जी की निकली सवारी, सोनू खान की कहो न कहो ये आंखे, निखिल भट्ट की होश वालों को खबर क्या, तुलस चन्द्राकर की स्वरचित छत्तीसगढ़ी गीत, महेश ठाकुर की सोचेंगे तुम्हें प्यार, प्रीति शर्मा सांसों की माला आदि गीतों ने माहौल को खुशनुमा ,खूबसूरत, आकर्षक और मंत्रमुग्ध कर देने वाला बनाया। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात माता सरस्वती आज निकले गले मे विराजमान हो गई हो, ऐसा शानदार समा इन्होंने अपनी गायिकी से बांधा। इस शानदार संगीत समारोह के समापन अवसर के मुख्य अतिथि तुकाराम चंद्रवंशी जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्र.05 रहे, जिन्होंने स्वयं मोर संग चलव रे गाना गाकर सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किये। तत्पश्चात सभी प्रतिभागियों को शानदार व आकर्षक स्मृति चिन्ह तथा सम्मान पत्र प्रदान करके सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में चंद्रवंशी जी ने स्वरांजली समूह को इस वृहत आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसा आयोजन हर समय होते रहना चाहिए, खासकर 15 अगस्त एवं 26 जनवरी को एक शाम आजादी का कार्यक्रम हर विकासखंड व बड़े बड़े ग्रामों में आयोजित होने चाहिए, जिसमे मेरा भी पूर्ण सहयोग रहेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर पंचायत पंडरिया, देवेंद्र गुप्ता, नीलू शर्मा, गुरुनाम छाबड़ा, मनीष शर्मा, हामिद उल्ला खान, अशोक वर्मा, टीकम चंद जैन, धर्मेश तिवारी, निखिल भट्ट एवं स्वर्णा लेडीज ग्रुप का विशेष सहयोग एवं योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन राजीव श्रीवास्तव ने एवं आभार प्रदर्शन पवन पाठक व विकास शुक्ला ने किया।