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गुरू विरागमुनि जी की प्रेरणा और साध्वी शुभंकरा श्रीजी की निश्रा में ऐसी तपस्या कि 153 दिन से केवल पानी पीकर रहीं श्रीमती ममतादेवी चोपड़ा।

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गुरू विरागमुनि जी ने 171 दिनों का किया था उपवास इसीलिए ममता जी 169वें दिन करेंगी पारणा क्योंकि गुरू भगवंत के आगे कोई नहीं। रायपुर - एमजी रोड स्थित जैन दादाबाड़ी में तप-जप और साधना के क्रम में आज एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। गुढ़ियारी की रहने वाली श्रीमती ममता चोपड़ा ने सोमवार को अपना 150वां उपवास पूरा कर लिया है। श्री विरागमुनि जी की प्रेरणा और साध्वी शुभंकरा श्रीजी की पावन निश्रा में श्रीमती ममता चोपड़ा यह तप कर रही हैं। सूर्यास्त के पहले वे केवल एक बार ही गर्म पानी का सेवन ही करती हैं। पिछले कुछ वर्षाें में उन्होंने 54, 64 और 72 दिनों का उपवास किया है। इस वर्ष उन्होंने 153 दिन का उपवास गतिमान है, और उनका लक्ष्य 168 दिनों का है, जिसका पारणा वे 169वें दिन आयंबिल से करेंगी। इस तप के दौरान उन्होंने सामान्य दिनों की तरह अपनी दैनिक दिनचर्या का भी पालन किया है, जैसे कि प्रतिक्रमण करना, मंदिर जाना, प्रवचन सुनना और पूजा-अनुष्ठान। घर पर भी वह अपने सारे काम खुद ही करती है। 168 दिन उपवास का यह उनका लक्ष्य निर्धारित नहीं था, लेकिन गुरू विरागमुनि ने 171 दिनों का उपवास किया है, और ममता जी चोपड़ा कहती है कि वे अपने गुरू से आगे नहीं जा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि गुरू विरागमुनि जी का कुछ समय पूर्व रायपुर आगमन हुआ था और उनके 121 दिनों के उपवास के बाद यहां महापारणा होनी थी, परन्तु उनके मन में कुछ विचार उत्पन्न हुए और उन्होंने अपनी पारणा नहीं की। वहीं 171वें दिन बालाघाट में उन्होंने पारणा किया, जिसमें श्रीमती ममता जी चोपड़ा भी शामिल हुई। उनसे चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि किसी उद्देष्य के साथ नहीं बल्कि धर्म करने के लिए उन्होंने यह तप शुरू किया है। उन्होंने पूर्व में भी कई तप-उपवास किया हैं। संयोग की बात है कि पर्यूषण पर्व के दौरान उनका 100वां उपवास रहा और दूसरे पर्यूषण के दौरान उन्होंने अपना 131वां उपवास पूरा किया। 25 किलो कम हुआ वजन, डॉक्टर से सलाह ली। श्रीमती ममता जी चोपड़ा ने बताया कि इस तप के दौरान उनका 25 किलो वजन कम हुआ है। पहले वे 65 किलो की थी और अब उनका 40 किलो से भी कम हो चुका है। उन्होंने इस दौरान डॉक्टर से सलाह ली और अपना चेकअप कराया, उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। उपवास के दौरान उनका मुंगेली, भाटापारा, कोमाखान, खरियार रोड, महासमुंद, भद्रावती, धमतरी, नगपुरा, खैरागढ़, अभनपुर, कुरूद समेत दो बार बालाघाट जाना हुआ, इस दौरान उन्होंने वहां के मंदिर और गुरू भगवंतों का दर्शन कर उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त किया। पारणा के 1 महीने बाद भी कुछ नहीं खाएंगी। लगभग साढ़े पांच महीने के उपवास के बाद 169वें दिन श्रीमती ममता जी चोपड़ा पारणा करेंगी। उनकी परीक्षा यहीं खत्म नहीं होगी। पारणा के बाद करीब एक महीने तक वह कुछ नहीं खाएंगी बल्कि लिक्विड डाइट (तरल पदार्थ) ही लेंगी। ऐसा इसीलिए क्योंकि इतने दिनों तक उपवास के बाद सीधे भोजन नहीं किया जा सकता है। ऐसा करने पर स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। 168 दिनों के तप के साथ वर्सी तप भी। श्रीमती ममता जी चोपड़ा का 168 दिनों के उपवास के साथ वर्सी तप भी चल रहा है। यह वर्सी तप 3 साल का है, जिसमें में दो साल उन्होंने पूरा कर लिया है। वर्सी तप के दौरान वे एक दिन उपवास और एक दिन भोजन करती हैं। उनका वर्सी तप दो साल से चल रहा है और 169वें दिन पारणा करने के बाद उनका वर्सी तप चलता रहेगा। अपने वर्सी तप के दौरान श्रीमती चोपड़ा दिन में एक बार गर्म पानी ही पीती हैं। जीवन परिचय व तपस्या एक नजर में आपका जन्म भंवरलालजी शांतिदेवी गुलेच्छा, रायपुर निवासी के यहाँ हुआ, आप शुरु से ही धर्म तपस्या से जुड़ी रही, आपका विवाह मुंगेली निवासी धर्मप्रेमी स्व. कन्हैयालालजी चोपड़ा के पुत्र मानक चंदजी चोपड़ा से हुआ। परिवार मे 1 बेटा प्रभात चोपड़ा, बहु दीपिका चोपड़ा, व 2 बेटियाँ किरण व नेहा है। 54 वर्षीया ममता जी का ये पहला उपवास नही है, पहले भी इन्होने 8 उपवास रायपुर में, 17 उपवास रायपुर में, 21 उपवास मुंगेली में, 31 उपवास मुंगेली में, 33 उपवास रायपुर में, 72 उपवास रायपुर में, 65 उपवास टाटानगर में, 54 उपवास मालपुरा में, व 109 उपवास गतिमान रायपुर में साथ ही सिद्धी तप, उपध्यान तप, अक्षय निधि तप, विजय कसाये, श्रेणिक तप किये है।

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