कवर्धा - हाल ही मे सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव मे मतदान के पुर्व कवर्धा के किसानों को भारतीय किसान संघ, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित भाजपा के 32 अनुवांशिक संगठनो के सदस्यो ने किसानो कि स्थित को खराब, चिंताजनक, गरीब एवं व्याकुल करने वाला निरूपित करते हुए जगह - जगह सभा लेकर छत्तीसगढ मे प्रत्येक किसान का दो लाख तक किसानो का कर्ज माफ कराकर राहत दिलाने का भरोसा दिए, पाम्पलेट बांटे जिसका अनेक विडिओ वायरल है। किसानो ने उनकी बातो पर भरोसा किया उन्हे जनादेश के रूप मे कवर्धा विधानसभा सहित पुरे छत्तीसगढ मे बहुमत किसानो ने दिया, अब उनकी सरकार बन गई है। किसानो का कर्ज माफ करने के बजाय उल्टा किसानो को सम्पन्न बता रहे है, जो सरासर गलत है। भाजपा के वादा ना निभाए जाने से किसानो के आत्महत्या का शिलशीला प्रारंभ हो गया है। नारायणपुर के कुकड़ाझोर गांव के किसान सरकारी कर्ज के वसुली का नोटिस मिलने के बाद आत्महत्या कर लिया, 9 एकड़ कि कास्तकारी मे महज 75 बोरी धान का अल्प उपज होने से परेशान किसान खेत मे कीटनाशक दवाई का सेवन कर अपनी जान दे दिया है।