कवर्धा - बोडला ब्लॉक मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम पंचायत मुड़घुसरी जंगल में ग्राम पंचायत सचिव मुख्यालय पर नहीं रहते, जिसके कारण ग्राम पंचायत में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबे समय से वंचित है। समस्या लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचने पर ग्रामीणों को कोई भी जिम्मेदार नहीं मिलते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव मुख्यालय पर रहते ही नहीं है। कभी कभार आते हैं और अपना हाजिरी देकर के चले जाते हैं। ग्रामीण फट्टे ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव अपने गृहग्राम जैताटोला (बोड़ला) में रहता है। ऐसे में अधिकांश कार्यालयीन दिवस के दौरान पंचायत भवन में ताला लटकते आसानी से देखा जा सकता है। सचिव पंचायत के कार्यों में लापरवाही बरतने से कही भी बाज नही आ रहा। ग्रामीण उत्तरा के अनुसार पंचायती राज के कार्य एवं गांव में फैली अव्यवस्था के संबंध में सचिव को लाख बार बताने के बाद भी ध्यान नहीं देता, जिससे वनांचल में पंचायती राज के काम पूरी तरह प्रभावित है। अधिकारियों का सचिव पर नहीं कोई नियंत्रण। पंचायती राज को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए जितना सचिव जिम्मेदार है, उतना ही उन पर नियंत्रण करने के लिए जनपद के अधिकारी भी जिम्मेदारी के दायरे में आते हैं, पर सचिव की लापरवाही देखने के बाद पता चलता है, कि जनपद के अधिकारियों का सचिव की कार्यशैली पर से नियंत्रण पूरी तरह हट चुका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत सचिव को मुख्यालय पर रहकर के पंचायत का काम समय से करने हेतु निर्देशित करें। सचिव श्याम पाटिल से पूछे जाने पर बताया कि मुख्यालय में रहता हूं बस अभी जा रहा हूं।