कवर्धा - जिला सहकारी बैंक कुकदुर के राजीव धनकर, भानुराम यादव अन्य दैनिक वेतन भोगी अस्थाई नियुक्ति को निरस्त किया गया है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के आदेश क्रमांक 3811 दिनांक 01.03.2023 के द्वारा भानूराम यादव के आदेेश क्रमांक 2354 दिनाँक 3.11.2021 के द्वारा राजीव धनकर व अन्य दैनिक वेतनभोगी कलेक्टर दर पर भृत्य के पद पर अस्थाई नियुक्ति दी गई थी। उक्त पद पर की गई अस्थाई नियुक्त्ति के संबंध में पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ रायपुर से अनुमति प्राप्त नही करने व बैंक कर्मचारी सेवानियम के प्रावधानों के विपरित होने के कारण पूर्णतः अवैधानिक व निरस्त करने योग्य है।
अतः उक्त के संबंध में बैंक के संचालक मंडल की बैठक दिनांक 08.02.2024 के विषय कमांक 07 में लिए गए निर्णय के परिपालन में भानूराम यादव, राजीव धनकर व अन्य को दैनिक वेतनभोगी भृत्य पद पर दी गई अस्थाई नियुक्ति विधि विपरित व अवैधानिक होने से तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है।
कांग्रेस राज में सहकारी से लेकर लोक सेवा आयोग तक FRI नियुक्ति का मामला लगातार सामने आ रही है, लोक सेवा आयोग में तो FRI दर्ज कर जांच बैठा दी गई है लेकिन जिला सहकारी में सेवा निरस्त करने से क्या अधिकारी नेता के दाग धुल जाएंगे सत्ता का दुरुपयोग कहे या कुछ और इस कदर फर्जी नियुक्ति की गई है। इसकी बानगी कुकदुर बैंक में ही नहीं आदिमजाति सेवा सहकारी समितियों में भी देखी जा सकती है, जिसकी जाँच कुकदुर में चल रही है, यहाँ भी कर्मचारी भर्ती सिविल सर्विस सेवा नियम के विपरीत भर्ती कर लिया गया है। कुछ समय बाद उसका भी परिणाम जल्द ही देखी जा सकती है।
उक्त विषय पर पंडरिया विधानसभा के संवेदनसील विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने समाचार प्रकाशन एवं शिकायत को ध्यान में रखकर प्रमुखता से विधानसभा के पटल पर प्रश्न किया था, उसी का परिणाम है जो देखने मिला है। सत्ता परिवर्तन के साथ ही सत्तधिशों के राजनेता और संगठन के लोग अपनी निजी हितलाभ को देखकर नियुक्ति कराते रहे हैं, व लाभ भी लेते रहे हैं, उनका नाम भी उजागर होना बांकी है। बहरहाल अब देखना ये कि कार्रवाई केवल कर्मचारियों तक ही सीमित रहता है कि अन्य दोषी जो भर्ती में संलग्न हैं उन सब पर कर्रवाई होती है ये बात भविष्य के गर्भ में छिपा है।