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भुत-प्रेत संग कवर्धा वासी बने बाराती, महाशिवरात्रि पर निकली महाकाल की भव्य बारात।

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12 ज्योतिर्लिंग दर्शन झांकी से अभिभूत धर्मनगरी वासी।

कबीरधाम - विगत दिनों से चल रही तैयारियों का भव्यतम प्रतिफल दिखा, जब भगवान श्री महाकाल दूल्हा बन रथ पर सवार होकर निकले तो हर कोई उन्हें देखता ही रह गया।

बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में रथ पर सवार भोलेनाथ उनके पीछे देवी देवताओं की झांकी, भूत प्रेत, बाघ की झांकी, प्रारम्परिक नृत्य टोलियां, डीजे धुमाल पर झूमते हजारों श्रद्धालुओं की संख्या देखकर हर कोई स्वमेव शिवभक्ति में झूम उठा।


आयोजन समिति के विकाश केशरी ने बताया कि हजारों की संख्या में कवर्धा के नागरिक, माताएं एवं बहने, युवा साथी इस भव्य बारात कार्यक्रम में शामिल रहे जो महादेव के भक्ति में झूमते हुए विवाह हेतु भारत माता प्रतिमा प्रांगण पहुचे।

महाभिषेक से प्रारंभ हुआ कार्यक्रम।

श्री बूढ़ामहादेव मंदिर में आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा सर्वप्रथम भगवान शिव का महाअभिषेक किया गया,पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव की आराधना हुई जिसके बाद श्री महाकाल की बारात का आह्वान हुआ।


गाजे बाजे,भूत-प्रेत की टोलियों के साथ निकली बारात।

धुमाल,डीजे,प्रारम्परिक नृत्य गाजे बाजे के धुन में पूरे कवर्धा वासी बाराती बनकर भगवान श्री महाकाल की बारात में शामिल हुए,जो भी इस भव्य बारात को देखा खुद को रोक न पाया और शिवगौरी की आराधना में नाचने लगा।

कीर्तन समिति भी हुई शामिल

भगवान श्री महाकाल की बारात में भजन-कीर्तन मंडली भी शामिल हुई। बकायदा शिव भजन, राम स्तुति करते हुए भजन मंडलिया भगवान शिव एवं माता गौरी के विवाह में शामिल हुए।

12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराते निकली भुत प्रेत की झांकी, कार्यक्रम मे इस बार विशेष रूप से भुत प्रेत की झांकी के साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी हुए जिसे लेकर शहर मे उत्साह का माहौल बना रहा एवं लोग झूमते रहे।

अर्द्धनारिश्वर स्वरूप मे निकली बाबा महाकाल की प्रतिमा की हर कोई निहारता रह गया। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य मे इस वर्ष बाबा महाकाल की प्रतिमा को अर्धनारिश्वर का रूप दिया गया था जिसे जो भी देखा देखता रहे गया।


जैसे ही बारात मां महामाया मंदिर के सामने भारत माता प्रतिमा प्रांगण में पहुँची,महामाता मंदिर के पदाधिकारियों ने माता गौरी के परिजनों के रूप मे बारात का स्वागत किया एवं दिव्य विवाह में घराती के रूप में शामिल हुये।

शिव भजन  मे झूमें श्रद्धालू, बारात पहुंचने के बाद विवाह के पूर्व एवं बाद मे गाजे बाजे के साथ पंडित सुमित भारद्वाज द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गयी जिसमें भुत प्रेत संग हजारों कवर्धा वासी झूमते रहे।

दिव्य विवाह के बाद भष्म आरती का आयोजन हुआ, भारत माता प्रतिमा प्रांगण में हजारों धर्मप्रिय श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भगवान शिव एवं माता गौरी का पूरे विधि विधानों से दिव्य विवाह संपन्न हुआ। जिसके बाद भगवान श्री महाकाल की भस्म आरती की गई जिसे हर कोई श्रध्दापूवर्क देखते रह गया एवं शिव भक्ति में लीन हो गया।

महाआरती हुई, भष्म आरती के पश्चात भगवान शिव-माता गौरी,भगवान श्री महाकाल की दिव्य महाआरती हुई जिसका सभी श्रद्धालुओं ने लाभ लिया।


महाप्रसाद का हुआ वितरण - कार्यक्रम स्थल मे श्रद्धालुओं के लिये द्वारा भंडारा किया गया जिसमें वेदांत शर्मा, निखिल यदु, सूर्या गुप्ता, अखिल गुप्ता, अमिताभ गुप्ता, आशुतोष श्रीवास्तव, अभिनव तैयारी, भूपेंद्र कौशिक, प्रांजल यदु, समेत अन्य द्वारा सेवा की गयी। इसके अतरिक्त जोधपुरी स्वीट्स द्वारा निर्मित 41 किलो के लड्डू से बाबा महाकाल एवं महागौरी को भोग लगाया गया जिसके बाद जनमानस मे प्रसाद का वितरण किया गया।

आयोजकों ने किया सहयोगियों, जनप्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं, प्रशासन, पत्रकारों को धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन समिति के सुधीर केशरवानी, आकाश यदु, निक्कू आमदे, अंकित देवांगन, केतुल नाग, नीरज चंद्रवंशी, अभिषेक आमदे, राजा झरिया, यकीन ठाकुर, रूपेश चंद्रवंशी, कन्नू आमदे, गणेश सोनी, लेखा चन्द्रवंशी, अंकित, करण धर्मी, रितेश यदु, अविनाश गुप्ता, अमित धुर्वे, निमेश चन्द्रवंशी, शुभम शर्मा, प्रशांत मिश्रा, लोकेंद्र ठाकुर, रूपेश श्रीवास, मनीष, सौरभ नामदेव, प्रतिक मिश्रा के सदस्य कार्यक्रम मे व्यवस्था मे सक्रिय रहे।

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