कवर्धा - जिले पंडरिया अनुविभाग कुकदुर पुलिस थाना क्षेत्रान्तर्गत 83 गांव आते हैं, जहां पर अधिकांश बैगा आदिवासी निवासरत करते हैं। अशिक्षा और अज्ञानता के वजह से जघन्य अपराध को अंजाम दे बैठते हैं। इन्हे शिक्षा और अपराध के बाद होने वाले दुष्परिणाम पर विशेष संगोष्ठी की आवश्यकता है।
कुकदूर पुलिस थाना छ .ग. एव म. प्र .की सरहद एवं सीमावर्ती होने के साथ के बाद भी क्षेत्रवासियों की सुरक्षा में अपराधों पर अंकुश लगाने लगातार ग्रामीणों से मिलकर व्यवस्था को दुरुस्त एवं सुदृढ़ करने का काम निरंतर किया जा रहा है।
इस थाना अंतर्गत 83 ग्राम आते हैं यहां पुलिस स्टाफ की कमी हमेशा बनी रही है फिर भी 6 पुलिसकर्मियों को अटैचमेंट कर रखा गया है। वर्तमान में 20 पुलिस कर्मी कार्यरत हैं। जनसंख्या और हो रहे घटित घटना को ध्यान में रखकर अधिकाधिक स्टॉप होना चाहिए। थाना क्षेत्र की संवेदनशीलता की ओर ध्यान रखी जाय तो यहां 50 पुलिसकर्मी से अधिक होना चाहिए है।
सुदृढ़ कर रही है मुखबिर योजना
थाना प्रभारी व्यास नारायण चुरेंद्र ने बताया कि पुलिस की ओर से अपराधों को अंकुश लगाने के लिए मुखबीर योजना को सतत ग्रामीणों से संपर्क कर सुदृढ़ता से काम किया जा रहा हैं।
सिर्फ वर्दी नहीं हमदर्दी भी चाहिए
कामठी निवासी गणेशराम माथुर ने बताया कि थाना में पदस्थ एक पुलिसकर्मी उपाध्याय साहब द्वारा पारिवारिक समस्या अन्य मामलों को लेकर हमेशा चर्चा करने के साथ ही समझाईस देते हैं और मामले को सुलझाने का सराहनी प्रयास करते हैं। ऐसा ही ईमानदार प्रयास इस क्षेत्र में करने का प्रयास होना चाहिए।
गांव गांव शिविर के माध्यम जागरूक करने की आवश्यकता
हाल के थाना क्षेत्र में जो घटना घटित हुई है। इसे जानकर लगता है कि अपराध करने वाले अशिक्षा और अज्ञानता के साथ ही कानूनी परिणामों को गंभीरता से नही जानने के कारण ही अपराध कर बैठना लगता है। इसलिए कानूनी ज्ञान के साथ ही होने वाले परिणाम के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
स्टाप की कमी दूर कर पेट्रोलिंग की आवश्यकता।
कुकदुर थाना सुदूर वनांचल पहुंच विहीन पहाड़ी क्षेत्र है। स्टाप की कमी के कारण तत्काल लोगों तक पुलिस नही पहुंच पाती है। जीतने स्टॉप मौजूद उनमें से बहुतों को न्यायालीन प्रकरण के अलावा अन्य मामलों में जाना पड़ता है। इसलिए स्टॉप बढ़ाकर तत्काल घटना स्थल तक पेट्रोलिंग की आवश्यकता है।