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माठपुर के युवा कार्यकर्ता कांग्रेस से नाराज, सिर्फ़ चुनाव में ही कार्यकर्ता की पूछ परख।

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पंडरिया - देश का मतलब महज़ चुनाव, चुनाव का मतलब सत्ता पाने की होड़.. इस होड़ में पार्टी  की कोई विचारधारा नही है।

तो क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश वाकई उसी सिस्टम को जीने लगा जिसका नाम है चुनावी लोकतंत्र है? 

उक्त बातें पंडरिया विकासखंड के वानंचल ग्राम माठपुर के युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति जारी कर अपनी बात कही है। वैसे भी कांग्रेस पार्टी बुरे दौर से गुजर रहा है, पार्टी में सभी विंग के ताना बाना अंतरकलह से जूझ रहा है। यह् बात सर्वविदित है, इस कड़ी में युवा महिला जिला कांग्रेस महासचिव श्रीमती अश्विन एवं अन्य कार्यकर्ता पूछ परख नही होने से अपमानित महसूस कर रहें हैं, व्यथित हो पार्टी की चुनावी क्रियाकलाप के सम्बन्ध में टिप्पणी करते हुए नाराजगी जाहिर किये हैं। कुछ दिन पहले ही विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुआ है, अब लोक सभा चुनाव चल रहा है।

आज चुनाव ही हमारे यहां देश का खाका बनाते हैं। चुनाव राजनीतिक दलों के भीतर रोजगार पैदा करते हैं। जीतने वाले का राजनीतिक घोषणापत्र ही देश का संविधान हो जाता है। 

चुनाव में सत्ता के लिए काम करना ही संवैधानिक संस्थाओं का मूल धर्म हो गया है। चुनावी तौर-तरीके ही देश में कानून का राज बताने या दिखाने के लिए काम करते हैं। 

आजादी के बाद से धीरे-धीरे लोकतंत्र की समूची खुशबू मात्र जिस तरह चुनावी राजनीति में जा सिमटी है, उसमें अब देश का मतलब महज चुनाव रह गया है, और चुनाव का मतलब ही है निपट सत्ता की होड़ लगी है। उक्त आशय की जानकारी जिला महिला मोर्चा महासचिव ने कांग्रेस के ऊपर आरोप लगाते हुए विज्ञप्ति जारी कर अपनी बात कही है।

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