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श्रीमती विमलादेवी जी पारख का मरणोपरांत का महादान - नेत्रदान

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रायपुर - सिविल लाइंस निवासी स्व. लूणकरण जी पारख की धर्मपत्नी श्रीमती विमलादेवी जी पारख का दिनांक 17/09/2024 को देहावसान हो गया जिनका मरणोपरांत नेत्रदान तेरापंथ युवक परिषद्, रायपुर के माध्यम से अरविंदो नेत्रालय में श्री रमेश पारख की प्रेरणा व उनके पुत्र विकास जी पारख की सहमति से हुआ।

आप स्व. उत्तमचन्द जी धाड़ीवाल व स्व. चाँदकँवर बाई जी धाड़ीवाल की पुत्री थी। नेत्रदान जीवन के बाद अर्थात मरणोपरांत का सर्वश्रेष्ठ दान होता है जिससे आपके जाने के बाद आपके दान किए नेत्र से दूसरे के जीवन में प्रकाश प्रज्जवलित हो जाता है और वह व उसका परिवार आपश्री के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है। धार्मिक मान्यता अनुसार आपश्री की आत्मा को भी इस कल्याणकारी कार्य से पुण्यलाभ प्राप्त होता है। नेत्रदान का यह कार्य दूसरो को भी प्रेरणा प्रदान करने वाला होता है।

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