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अहिवारा में तप, त्याग और धर्म का भव्य उत्सव।

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संतोष, शिखा, रौनक बाफना व जिनेंद्र की तप-साधना का ऐतिहासिक अभिनंदन।

अहिवारा - अहिवारा नगर में चल रहे जैन समाज के पावन चातुर्मास के अंतर्गत आज धर्म, तप, त्याग और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के प्रतिष्ठित धरमचंद बाफना परिवार के तीन तपस्वियों—श्री संतोष बाफना, श्रीमती शिखा बाफना एवं श्री रौनक बाफना—की कठिन तप-साधना के अनुमोदनार्थ भव्य वरघोड़ा एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

विशेष रूप से संतोष बाफना ने 30 दिनों की कठिन मासखमण तपस्या पूर्ण कर संयम, आत्मसाधना और धर्मनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके साथ श्रीमती शिखा बाफना एवं  रौनक बाफना ने भी कठिन तपस्या कर पूरे परिवार, अहिवारा नगर एवं जैन समाज को गौरवान्वित किया।

तीनों तपस्वी धरमचंद बाफना परिवार से हैं। समाज के वरिष्ठ श्री धरमचंद बाफना लंबे समय से जैन समाज एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय और सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनके परिवार की धर्म, समाजसेवा और जनसरोकारों से जुड़ी परंपरा के बीच एक ही परिवार से तीन तपस्वियों की साधना ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।

तपस्वियों के सम्मान में निकले भव्य वरघोड़े का शुभारंभ जैन भवन, अहिवारा से हुआ। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वरघोड़ा बस स्टैंड पहुंचा तथा वहां से पुनः मंगल भवन में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने तपस्वियों का अभिनंदन किया और नगर धर्ममय वातावरण से सराबोर रहा।

इस अवसर पर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, व्यापारिक एवं औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही। विशेष रूप से श्री रविन्द्र चौबे जी, पूर्व मंत्री; श्री ताम्रध्वज साहू जी, पूर्व मंत्री; श्री बिसरा राम यादव जी; श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा जी; श्री लाभचंद बाफना जी श्री राकेश ठाकुर जी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष; श्री राजीव गुप्ता जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

जैन समाज एवं चातुर्मास आयोजन से जुड़े वरिष्ठजनों में श्री कैलाश नाहटा, श्री अशोक बाफना, श्री जितेंद्र बाफना, श्री चंचल बाफना, श्री प्रदीप कोचर, श्री लाभचंद जी, श्री विजय जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विशेष रूप प्रदेश चेम्बर मंत्री श्री प्रथम बाफना ने गुरु महाराज के पावन सान्निध्य में अहिवारा धाम को एक साथ चार मासखमण तपस्या का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो नगर के धार्मिक इतिहास में अत्यंत विशेष और स्मरणीय अवसर है,उपस्थित होकर चारों तपस्वियों की कठिन साधना की अनुमोदना की तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं।

इस भव्य आयोजन में रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, बालोद, राजनंदगांव,धमधा, बेरला, साजा, देवकर, बीजा एवं आसपास के अनेक क्षेत्रों से समाज के वरिष्ठजन, व्यापारी, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे।

धरमचंद बाफना परिवार के श्री संतोष बाफना, श्रीमती शिखा बाफना एवं श्री रौनक बाफना की यह तप-साधना अहिवारा के धार्मिक एवं सामाजिक इतिहास में एक प्रेरणादायी अध्याय के रूप में स्मरणीय रहेगी। एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा की गई कठिन तपस्या ने नई पीढ़ी के सामने धर्म, संयम, त्याग और संस्कार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

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