सूरत - खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरि ने 16दिवसीय सूरि मंत्र की साधना का प्रारंभ किया है। सूरिमंत्र की इस पांचवीं पीठिका का समापन 20 अक्टूबर को प्रातः बजे महामांगलिक के साथ होगा।
इन दिनों वे प्रतिदिन आयंबिल तप की साधना करेंगे और सर्वथा मौन रहेंगे। पूर्ण एकांतवास में चलने वाली इस साधना के लिये हॉल को बहुत ही बेहतरीन तरीके से सजाया गया है।
साधना में प्रवेश से पूर्व आचार्य जिनमणिप्रभसूरि ने कहा- साधु जीवन साधना के लिये हैं। साधना से अपनी आत्मा को पवित्र करना होता है। यह साधना विश्वकल्याण करने वाली है। इस पीठिका में गौतमस्वामी की साधना की जाती हैं। इसमें एक लाख मंत्रों का जाप करना होता है। ता. 20 को पहले महापूजा होगी, बाद में मांगलिक होगी।
साधना का लाभ वनेचंदजी मंडोवरा परिवार सिणधरी वालों ने लिया है। आचार्यश्री ने पूर्व में पांचों पीठिकाओं की साधना पूर्ण करके यह दूसरी बार पांचवीं पीठिका की साधना कर रहे हैं।
ओमप्रकाश मंडोवरा - अध्यक्ष
25 Aug 2026