सूरत - अनंत लब्ध्रध निध्वान गौतमस्वामी केवलज्ञान भूमि श्री गुणायाजी तीर्थ का सांगोपांग जीर्णोद्धार चल रहा है। खनन मुहूर्त शिलान्यास आदि संपन्न हो चुका है। अब जिन मंदिर का कार्य प्रारंभ हो रहा है। उस हेतु भट मुहूर्त्त अर्थात् संगमरमर के प्रथम पाषाण की स्थापना ता. 13 दिसम्बर 2024 को होने जा रही है।
भट मुहूर्त्त का चढावा सूरत नगर में पूज्य गुरुदेव युगदिवाकर अवंति तीर्थोद्धारक गुणायाजी जीर्णोद्धार प्रेरक गच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में ता. 20.10.2024 को महामांगलिक के अवसर पर बोला गया। इस बोली ने अपने आप में कीर्तिमान स्थापित किया। इसका लाभ मूल गोगोलाव नागोर वर्तमान में रांची निवासी श्री मोहनलालजी अनोपचंदजी चंदनकंवर सुभाषजी बोथरा परिवार ने लिया।
इस अवसर पर पावापुरी तीर्थ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रकुमारजी पारसान, मंत्री श्री शांतिलालजी बोथरा, ट्रस्टी श्री सुभाषजी बोथरा, गुणायाजी तीर्थ जीर्णोद्धार समिति के संयोजक श्री तेजराजजी गुलेच्छा, निर्माण संयोजक श्री महावीरजी मेहता, सदस्य श्री तिलोकचंदजी पारख आदि की उपस्थिति थी।
संघवी श्री तेजराजजी गुलेच्छा ने जीर्णोद्धार की रूपरेखा प्रस्तुत की। श्री महावीरजी मेहता ने कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गुणायाजी तीर्थ पर कैवल्य ज्योति महोत्सव के आयोजन की रूपरेखा बताते हुए उस दिन वहाँ सकल श्री संघ को पधारने का निवेदन किया।
25 Aug 2026