रायपुर - प्रातः से ही भैरव सोसाइटी में कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव के पुण्यवर्धक विधान संपन्न करने भक्तों का महाविदेह आराधना केन्द्र में तांता लगा रहा, इस अवसर पर श्रीमती जयंती बोथरा, सुनीता झाबक व कान्ति लुनिया ने बताया की आज के दिन इस तीर्थाधिराज में अनंत आत्माओं ने सिद्धाचल की यात्रा कर भव भ्रमण से मुक्ति पाई है, सिद्ध अवस्था को प्राप्त किया, हम भी आज तीर्थ के पट्ट के सम्मुख पूर्ण विधि विधान से 5 चैत्यवंदन की क्रिया कर सदगति प्राप्ति की कामना करते हैं।
उपरोक्त जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने जानकारी देते हुए बताया कि विधिकारक श्राविकाओं ने सर्वप्रथम तलहटी का चैत्यवंदन प्रारंभ करते हुए दर्शनम देव देवस्यम दर्शन पाप नाशनम दर्शनम मोक्ष साधनम के दोहे से तलहटी को वंदन करते हुए चैत्यवंदन की क्रिया संपन्न कि फिर क्रम से शांतिनाथ प्रभु, रायानरुख का चैत्यवंदन, फिर पुंडरीक स्वामी जो प्रभु आदिनाथ के प्रथम गणधर, शिष्य थे जिनका मंदिर गिरिराज में प्रभु आदिनाथ के सामने बना हुआ है उनका चेत्य वंदन व पांचवा चैत्यवंदन प्रभु आदिनाथ का पूर्ण भावपूर्वक करते हुए गिरिराज की यात्रा का सजीव वर्णन करते हुए भक्तो को पालितना तीर्थ की भाव यात्रा की अनुभूति कराई , सिद्धाचल ना वासी विमलाचल ना वासी जिन जी प्यारा आदिनाथ ने वंदन हमारा के लोकप्रिय भजन के साथ 108 खमासना के साथ कार्तिक पूर्णिमा की भाव यात्रा संपन्न की उपरोक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से धरम बोथरा, संतोष झाबक, डॉ योगेश बंगानी, श्रीमती सरला बैद, कांति लूनिया वर्षा सांखला, श्रीमती मंजू कोठारी, पायल गोलछा, सुशीला गोलछा, शैला बरडिया, पूनम बरमट, जयचंद बच्छावत परिवार आदि उपस्थित थी। ट्रस्ट बोर्ड द्वारा मोतीचूर लड्डू गाँठिया का भाता की प्रभावना प्रसादी के रूप में वितरित की गई।
कार्तिक पूर्णिमा व चातुर्मास पूर्णता के अवसर पर दादागुरुदेव की बड़ी पूजा 9.30 बजे से आरम्भ हुई। अष्टप्रकारी पूजा कर आरती मंगल दीपक किया गया, पूजा पश्चात लाभार्थी परिवारों द्वारा गुरुप्रसादी रखी गई थी।
25 Aug 2026