BREAKING

जिलापंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से भाजपा में रतिराम भट्ट का नाम सबसे ऊपर।

Share:

मतदाता सूची प्रकाशन, आरक्षण, चुनावी घोषणा होना बाकी प्रत्याशियों की खोजबीन जारी।

कवर्धा - त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी चल रही है मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाश नहीं हुआ है वार्डो का आरक्षण होने के साथ ही  चुनावी घोषणा होना अभी बाकी है किंतु जिला पंचायत चुनाव को लेकर संभावनाएं तराशी जा रही हैं। जिले के पंडरिया जनपद पंचायत अंतर्गत क्रमांक 1आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित होना लगभग तय है इस क्षेत्र में आदिवासी बहुसंख्यक हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति का आरक्षण जनसंख्या के आधार पर होना है। इसलिए कुई कुकदूर वनांचल पहाड़ी क्षेत्र क्रमांक 1 आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित होना ही है।

    अब तक पंचायत चुनाव गैरदलीय आधार पर होता आया है  पार्टी अपने दल से अधिकृत प्रत्याशियों का नाम चैन कर घोषणा करती है उसे ही आधार मानकर पार्टी के नेता पक्ष में प्रचार प्रसार करते हैं। यहां हम छत्तीसगढ़ में सत्तादल संभावित प्रत्याशी होने के संबंध में बात करने जा रहे हैं। उसमें सबसे ऊपर नाम मंडल अध्यक्ष ग्रामपंचायत अमनिया के सरपंच रतिराम भट्ट का नाम है। पंच, सरपंच, जनपद सदस्य रहे हैं। वर्तमान विधायक श्रीमति भावना बोहरा के क्षेत्र में सबसे विश्वसनीय चेहरा माना जाता है। ईमानदारी सरल सहज पहचान है। शिक्षा की दृष्टिकोण से देखा जाए तो मिडिल क्लास तक पढ़ाई लिखाई है पर सामाजिक पकड़ और क्षेत्रीय जानकारी बहुत अच्छा है। भाजपा के विचार धारा में बच्चन से जुड़े हैं। रतिराम भट्ट बूथ सदस्य से बूथ अध्यक्ष, पंडरिया मंडल कार्यकारिणी सदस्य, कुकदूर मंडल गठन के बाद से उपाध्यक्ष, महामंत्री, वर्तमान में मंडल अध्यक्ष ग्रामपंचायत अमनिया के सरपंच, दिशा समिति सदस्य है जो इनके प्रतिष्ठा को बढ़ता है। भारतीय जनता पार्टी के तरफ जिलापंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 1 के लिए सबसे बढ़िया प्रत्याशी के रूप में देखा जा सकता है। दूसरे क्रम में सुखदेव मरावी का नाम लिया जाता है जो एक चुनाव हार गया है वहीं तीसरे क्रम में जनपद सदस्य श्रीमती दीपा ध्रुव कुकदूर मंडल महिला विंग अध्यक्ष का नाम लिया जा सकता है तथा चौथे क्रम में बसन्त बांठिया का नाम लिया जा सकता है। 

               अभी तो चुनावी घोषणा होना बाकी है फिर भी संभावित प्रत्याशी की खोज बिन पार्टी करना आरंभ कर दिया है। वनांचल पहाड़ी क्षेत्र में विधानसभा का परिणाम पार्टी के पक्ष में रहा है वहीं लोकसभा चुनाव में उल्ट गया है। इसलिए पार्टी को ईमानदार जिताऊ प्रत्याशी की खोज बिन जारी है। रतिराम भट्ट का नाम बेहतर हो सकता है। क्योंकि गुटबाजी से ऊपर उठकर केवल पार्टी हित में काम करता है। कार्यशैली भी समझौतावादी नही है।

Share:

Popular News