कवर्धा - सुख शांति और खुशी का संदेश देता है क्रिसमस का त्यौहार बेशक यह ईसाइयों का मुख्य त्यौहार है लेकिन वर्तमान में यह समस्त धार्मिक सीमाओं से परे एक समग्र संस्कृति का प्रतीक बन चुका है सभी लोग इस त्यौहार का उत्सव मनाने लगे हैं जिस प्रकार ईश्वर के पुत्र माने जाने वाले ईसा मसीह ने सदैव अहिंसा प्रेम जरूरतमंदों की सेवा क्षमा और दया भाव का संदेश मानव जाति को दिया आज के माहौल में उनकी यह सभी सीखें बहुत अहम मानी जाती है नगर के समस्त गिरजाघर व चर्च में प्रभु यीशु मसीह के जन्म का संदेश दिया जा रहा है।
आज से 2024 वर्ष पूर्व प्रभु यीशु मसीह का जन्म बेतलहम के गौशाला में हुआ था जिसे आज समस्त मसीही समाज क्रिसमस, ख्रीष्ट जयंती के रूप में मनाता है। अन्य लोग बड़ा दिन के रूप में भी जानते हैं। मसीह समाज इस त्यौहार को बड़े धूमधाम से मना रहे हैं। सभी गिरजाघरों को विशेष रूप से सजाया गया है। प्रभु इसामशीह के संदेश को एक दूसरे को बांट ने का प्रयास किया जा रहा है। पूरे विश्व में समाज अपने घरों में भी विशेष रूप से साज सज्जा कर हर्षोल्लास के साथ त्यौहार को मना रहा है।