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सेमरहा के बच्चों को प्रोत्सहित करने पहुंची - विधायक भावना

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उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ग्राम सेमरहा के बच्चों से मिलकर विधायक ने कहा “आल द बेस्ट” साथ भोजन किया।

पंडरिया - छत्तीसगढ़ में 1 मार्च से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है 19 फ़रवरी को पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने ग्राम सेमरहा के बच्चों से मुलाकात कर चर्चा की। बच्चों को परीक्षा की तैयारियों को लेकर निहित प्रश्नों और उलझनों का समाधान करते हुए प्रोत्साहित किया एवं परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन के लिए उन्हें आल द बेस्ट कहकर शुभकामनाएं  दी। विधायक ने बच्चों के लिए परीक्षा की तैयारी को मद्देनजर लेखन सामग्री व अन्य जरूरतमंद स्टेशनरी चीजें भेंट किया। बच्चों के साथ भोजन किया।

  पंडरिया विधायक  ने कहा कि मैं जब इन सेमरहा के बच्चों के साथ मिलती हूँ मुझमे खुद एक अलग ही आत्मविश्वास आता है। उनसे बातें करके उनकी उलझनों को दूर करके जो मुझे ख़ुशी मिलती हैं उन्हें शब्दों में बयां नहीं कर सकती। ये सभी बच्चे मेरे परिवार का हिस्सा ही हैं और जब भी इनसे मिलती हूँ तब ये सभी बच्चे भी मुझसे जिस उत्साह और बेबाक तरीके से मिलकर अपनी बातों को रखते हैं उसे देखकर मन में संतोष और आत्मविश्वास मिलता है  मैनें अभिभावक के रूप में  24 बच्चों के शिक्षा, रोजगार एवं विवाह तक जो जिम्मेदारी उठाई है उसे पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर सकूँ ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल और सुरक्षित हो सके।जब मैं उनसे बातें कर रही थी तो उनके अन्दर कहीं न कहीं आज भी उस हादसे को लेकर मन में पीड़ा दिख रही थी, मैं उनके परिजनों की कमी को पूरी नहीं कर सकती लेकिन एक अभिभावक के रूप में उनके हर सुख-दुःख, सफलता, उत्सव और विशेष पर्व एवं त्यौहार में उनके साथ रह सकूँ और उनके चेहरों पर ख़ुशी और मुस्कान ला सकूँ ऐसी मेरी भावना है।


 आगे ने कहा कि लगभग 10 महीने होने जा रहें हैं। विगत 10 महीनों में मैनें यही प्रयास किया है कि उन सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधा मिल सकें। रक्षाबंधन, दीपावली और अपने जन्मदिन के अवसर जैसे विभिन्न उत्सव और आयोजन में भी उनके साथ मिलकर उन पलों को साझा करती हूँ ताकि उन बच्चों को किसी प्रकार की कोई कमी महसूस न हो सके। मैं लगातार बच्चों से संपर्क में भी रहती हूँ और उनसे बातचीत करके उनका हालचाल भी पूछती रहती हूँ बच्चों से मुलाक़ात हुई और बहुत सारी बातें उनके साथ हुईं। परीक्षाओं को लेकर भी उनके मन में कुछ दुविधाएं और प्रश्न थे जिनका उत्तर भी बच्चों को धैर्य के साथ परीक्षा की तैयारी करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया साथ ही  पढ़ाई-लिखाई और विभिन्न शिक्षण सामग्री  भेंट कर आगामी परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी बच्चे परीक्षाओं में अच्छे परिणाम लाएंगे।

     पंडरिया मेरा परिवार है और जब परिवार के किसी सदस्य पर कोई विपदा आती है तो उनके साथ रहना मेरा प्रथम कर्तव्य है। मेरे एक प्रयास से यदि उन बच्चों का भविष्य संवरता है तो यह मेरे लिए अपने आप में एक गर्व की बात होगी। उन बच्चों के प्रति मेरी जो भावनाएं हैं उन्हें मैं शब्दों में बता तो नहीं सकती लेकिन उनसे मुझे जो स्नेह मिलता है वही मेरे लिए मेरे प्रयासों का प्रतिफल है। आज भी उस हादसे के बारे में याद करके मन भावनाओं से भर उठता है। उस समय उन बच्चों की आँखों में एक निराशा थी लेकिन आज मुझे ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं आज उन बच्चों में भी एक आत्मविश्वास और अपने भविष्य को लेकर उनके मन में संकल्प और लक्ष्य स्पष्ट है और जब तक जितना संभव हो सके मैं उनके लिए प्रयास करती रहूंगी जो जिम्मेदारी मैनें उनके प्रति की है उसे जरुर निभाउंगी। उन सभी 24 बच्चों के साथ अपने परिवार की भांति हर सुख-दुःख में साथ रहूंगी।  बच्चों में  अपार सामर्थ्य है और मुझे विश्वास है कि आगामी परीक्षाओं में भी सभी बच्चे खूब मन लगाकर पढ़ाई करेंगे और अच्छे नंबरों से सफल होंगे।


     विदित हो कि मई 2024 में ग्राम बहपानी के पास तेंदूपत्ता संग्रहण करके पिकअप से लौट रही वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी पंडरिया विधानसभा के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम सेमरहा निवासी 19 लोगों का निधन हो गया था। तब से  हादसे में दिवंगत हुए परिजनों के बच्चों की शिक्षा, रोजगार एवं  उनके विवाह तक की जिम्मेदारी निभा रही हैं हर पर्व, त्यौहार एवं विशेष उत्सव उन बच्चों के साथ मनाती हैं।

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