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पर्यावरण संरक्षण हेतु यूथ एवम इको क्लब के नोडल शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित।

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पंडरिया : - यूथ एवम इको क्लब के क्रियान्वयन हेतु समग्र शिक्षा द्वारा पूरे राज्य स्तर पर यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, इसी तारतम्य में पंडरिया विकास खण्ड के बी आर सी भवन में यूथ एवम इको क्लब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय विकास खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण राज्य स्रोत समूह (SRG) राजीव श्रीवास्तव शिक्षक MS धोबघट्टी एवम शिवकुमार वर्मा प्रधान पाठक MS खड़ौदा कला द्वारा सम्पन्न कराया गया। जिसमे प्रमुख रूप से प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी एम के गुप्ता सर ने सभी प्रशिक्षार्थी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण मुझे वास्तव में बहुत रोचक, उपयोगी, ज्ञानवर्धक और सारगर्भित लग रहा है, इस तरह का प्रशिक्षण समय-समय पर आयोजित होते रहना चाहिए जो हमें बतलाता है कि प्लास्टिक का उपयोग कितना खतरनाक है, पर्यावरण में असंतुलन जो पैदा हुआ है जिसके कारण आज हर घर में मनुष्य अस्वस्थ नजर आ रहे हैं, इसलिए पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना हम सब की अत्यंत आवश्यक जिम्मेदारी है जिसमें शिक्षक समुदाय की अत्यंत भूमिका महत्वपूर्ण होती है।


इसके पूर्व प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ माँ सरस्वती की छाया चित्र की पूजन अर्चन करते हुए खण्ड स्रोत समन्वयक अर्जुन चंद्रवंशी ने कहा कि...विकासखंड अन्तर्गत संचालित 153 उच्च प्राथमिक विद्यालय के एक-एक नोडल शिक्षकों का यह दो दिवसीय प्रशिक्षण आयेजित किया गया है।

इस प्रशिक्षण को प्राप्त करके आप सभी नोडल शिक्षक इसका 100% क्रियान्वयन  अपने-अपने विद्यालयों में करने का भरपूर प्रयास करेंगे तथा साथ ही आम जन समुदाय को भी इस योजना से जोड़कर यूथ एवं इको क्लब की अवधारणा को सफल बनाएंगे। बारह सप्ताह की 12 गतिविधियों को पूर्ण कराते हुए व्यपक रूप से प्रचार-प्रसार करते हुए जमीन मेला का आयोजन जन समुदाय के सहयोग से करने का यथासम्भव प्रयास करना है।

        इस प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी दीपक सिंह ठाकुर ने अवगत कराया कराया कि जमीन एवम प्लास्टिक साक्षरता एक वृहद अध्ययन-अध्यापन का विषय वस्तु है, जिस पर सार्थक चर्चा करते हुए विद्यार्थियों के साथ-साथ आम जनता में जागरूकता लाना अत्यंत आवश्यक हैं, हम नित प्रतिदिन प्लास्टिक का अंधाधुंध उपयोग करके बीमार पड़ रहे हैं, वृक्षों की कटाई हो रही है, जल संरक्षण का अभाव है चारों तरफ प्रदूषण ही प्रदूषण नजर आ रहा है, इसलिए पर्यावरण को शुद्ध करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

       मास्टर ट्रेनर्स राजीव श्रीवास्तव ने पर्यावरण, यूथ एवं इको क्लब की अवधारणा, महासागर साक्षरता,जमीन एवं प्लास्टिक साक्षरता पर विशेष रूप से बतलाया कि कैसे हमारे शरीर के अंदर हर सप्ताह 5 ML माइक्रो प्लास्टिक जाते जा रहा है, प्लास्टिक का सफर व निर्माण, 03 R, वृक्ष मित्र कार्ड

 प्लास्टिक का विकल्प व इसके 07 प्रकार- PET, HDPE, PVC, LDPE, PP,PS, OTHER से विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक की पहचान गतिविधि के माध्यम से अवगत कराना। 12 सप्ताह की गतिविधियां, प्लास्टिक की वस्तुओं में भोजन आदि ग्रहण करने का दुष्परिणाम, समूह गतिविधियाँ, पेपर बैग निर्माण, सोख्ता गड्ढे का निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग,जल प्रदूषण व जल संरक्षण, जमीन मेला, पौधारोपण आदि विषय पर विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया गया। वही शिवकुमार वर्मा ने पोषण वाटिका विषय पर प्रशिक्षण देते हुए किचन गार्डन और पोषण वाटिका में अंतर, वाटिका हेतु जगह का चयन, मिट्टी की तैयार, फसल का चयन और फसल चक्र, बीज संकलन और प्रदर्शनी, कम स्थान पर कैसे अधिक फसल या खेती की जाए इस हेतु नक्शा बनाना, बुआई, फसल वृद्धि के कारक, फसल की सुरक्षा और कटाई आदि विषयों पर प्रशिक्षित करते हुए रसायन रहित खेती के स्थान पर जैविक खेती की उपयोगिता पर जोर दिये तथा बहुत कम खर्चे में जीवामृत, बीजामृत, नीम अर्क, इत्यादि जैविक खाद्य तैयार करने की विधि गोबर, गोमूत्र,गुड़, मिट्टी, चना बेसन, पानी नीम पत्ती आदि के माध्यम से बनाने की विधि बतलाई गई।

SCERT के कोर ग्रुप के सदस्य एवम SRG  सुमीत पाण्डेय ने यूथ एवम इको क्लब का गठन, प्राप्त राशि का उपयोग, आकर्षक गेम्स, पर्यावरणीय गतिविधियों हेतु QR कोड बनाने हेतु QR MONMEY APP के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी, वृक्ष मित्र कार्ड तथा 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक बच्चों से विभिन्न गतिविधियां करने के संबंध में चर्चा की गई। तत्पश्चात प्रशिक्षार्थियों ने इस प्रशिक्षण के संबंध में अपना-अपना फीडबैक रखा।

पूरे प्रशिक्षण की व्यवस्था में सहयोग बीआरपी विनोद गोस्वामी, मंजू चन्द्राकर व दुजराम निर्मलकर का विशेष योगदान रहा।

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