पंडरिया - छत्तीसगढ़ में इन दिनों शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया चल रही है।जिसमें अनेक विसंगतियो के चलते शिक्षक को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसा भी स्थिति देखा जा रहा है।जिस ब्लाक में 200 से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं उस ब्लाक के शिक्षकों को अन्य ब्लाक जाना पड़ रहा है। कबीरधाम जिला में जारी युक्तियुक्तकरण में इसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम द्वारा युक्तियुक्तकरण अन्तर्गत जिले के 194 सहायक शिक्षक का नाम युक्तियुक्तकरण के लिए प्रकाशित किया गया है। जिसके लिए रिक्त पद का प्रकाशन किया गया है। काउंसलिंग के लिए प्रकाशित रिक्त पद में अंतर होने के कारण ब्लाक के शिक्षकों को अन्य ब्लाक जाना पड़ेगा। पंडरिया ब्लाक में 78 शिक्षकों का नाम अतिशेष सूची में रखा गया है, जबकि ब्लाक के केवल 53 पद को काउंसलिंग हेतु दिखाया जा रहा है। अर्थात ब्लाक के केवल 52 पद ही भरे जाएंगे। शेष 26अतिशेष शिक्षकों को अन्य ब्लाक भेज दिया जाएगा। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सभी एकल शिक्षक स्कूल में भर्ती के बाद भी ब्लाक में 200 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त होते हुए ब्लाक से 26 शिक्षकों को अन्य ब्लाक भेजा जा रहा है। ये कैसा युक्तियुक्तकरण है, जिसमें ब्लाक में पद के रिक्त रहते हुए अन्य जगह स्थानांतरित किया जा रहा है। इसी तरह कवर्धा ब्लाक में भी 46 अतिशेष शिक्षक का नाम प्रकाशित किया गया है जबकि केवल ब्लाक के 21 पद को काउंसलिंग में दिखाया जा रहा है। शेष शिक्षकों के लिए ब्लाक में पद नहीं दिखाये जाने से इन शिक्षकों को ब्लाक में रिक्त पद होने के बावजूद अन्य ब्लाक जाना पड़ेगा। इसी तरह मिडिल स्कूलों में भी सही रिक्त विद्यालयों का चयन नहीं किया गया है। 250 दर्ज वाले मिडिल स्कूलों में शिक्षक नहीं भेजे जा रहे हैं। पंडरीपानी जैसे वनांचल के स्कूल जहां सिर्फ हिंदी व विज्ञान के दो शिक्षक हैं। जहां रिक्त नहीं दिखाया गया है। सभी ब्लाक में इसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
विषय के आधार पर अतिशेष का निर्धारण - युक्तियुक्तकरण में एक और बड़ी विसंगति सामने आ रही है, वह विषय के आधार पर अतिशेष का चिन्हांकन करना है। शासन द्वारा मिडिल स्कूल में विषय व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इस आधार पर विषय को आधार मानकर अतिशेष का निर्धारण करना विसंगति पूर्ण प्रक्रिया है। विषय को आधार न मानकर जूनियर को अतिशेष माना जाना चाहिए। किसी विद्यालय में अतिशेष शिक्षक नहीं है वहां एक ही विषय के शिक्षक पदस्थ हैं, वहीं जिन विद्यालयों में अतिशेष हैं वहां विषय को आधार बनाया जा रहा है। जो कि दोहरा मापदंड को दर्शाता है।
शिक्षक संघ ने समायोजन की मांग की - विभिन्न शिक्षक संघों ने सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी व उपमुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंप कर ब्लाक के शिक्षकों को ब्लाक में समायोजित करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के सभी ब्लाक में जितने अतिशेष शिक्षक हैं, उसी अनुपात में सभी ब्लाक में रिक्त पद दिखाए जाये जिससे सभी ब्लाक के शिक्षकों को ब्लाक में ही जगह मिल सकेगा। किसी भी ब्लाक के शिक्षकों को अन्य ब्लाक जाना नहीं पड़ेगा।
इस दौरान दीपक ठाकुर, अर्जुन चन्द्रवंशी, मोहन राजपूत, शत्रुहन डड़सेना, रामशरण चन्द्रवंशी, शिवेंद्र चन्द्रवंशी, सुरेश ठाकुर, राजेश तिवारी, प्रफुल्ल बिसेन, शंकर चन्द्रवंशी सहित अनेक शिक्षक उपस्थित थे।