कवर्धा - 18 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाने के बाद लगभग 80% उप स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक मरीज भटकते हुए नजर आए किसी का खून जांच नहीं तो किसी को x ray नहीं हुआ इंजेक्शन नहीं लगा तो किसी का ऑपरेशन भी नहीं हो पाया आज हड़ताल के दूसरे दिन ही सरकारी अस्पताल वेंटिलेटर पर आ गया है।
दूसरों का इलाज करने वाला अस्पताल स्वयं वेंटिलेटर पर
सरकार के अड़ियल रवैया के कारण आज मजबूर होकर हड़ताल के दूसरे दिन भारी संख्या में उपस्थित रहे। कर्मचारी हड़ताल में शामिल नही होना चाहते थे पर शासन के अड़ियल रवैया के कारण हड़ताल में शामिल हुए हैं जिस कारण आज समस्त अस्पताल में ताला लगा हुआ है वैक्सीनेशन तक नहीं हो पा रहा है।
आश्वाशन से नहीं अब आदेश चाहिए।
एनएचएम संघ का कहना है कि 20 वर्ष हो गया है आश्वाशन से अब तक बीपीएल कैटेगरी में काम कर रहे है आश्वाशन से नहीं अब लिखित में आदेश चाहिए तभी हड़ताल से उठेंगे।