पंडरिया : पंडरिया विधानसभा के इतिहास में सेमरहा की घटना एक ऐसी घटना थी जिसमें गरीब बच्चों के मां बाप अपने बच्चों के लालन पालने के लिए कुछ चंद रुपयों की जुगाड में गए हुए थे किंतु काल को मंजूर नही था और पिकअप एक्सीडेंट में मारे गए। तब से प्रभावित सभी बच्चों को गोद स्वरूप संरक्षण के तौर पर हर संभव अपनी जिम्मेदारी विधायक श्रीमती भावना बोहरा निभा रही हैं। बच्चों को मां बाप का प्यार तो मिलना संभव नहीं है। किंतु उन्हें स्नेह देने का प्रयास कर रही है।
दीपावली के अवसर पर पंडरिया विधायक ग्राम रणवीरपुर में सेमरहा से आए बच्चों के साथ दीपावली मनाई और खुशियां बांट रही थीं। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी और सबके मंगलमय जीवन और छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। सेमरहा के बच्चों ने भावना के साथ मुलाकात कर उन्हें दीपावली की बधाई दी, पटाखे फोड़ें, एक दूसरे का मुंह मीठा किया। विधायक बच्चों को शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। विधायक श्रीमती भावना बोहरा मां का प्यार पिता का दुलार देने में कोई कमी नही कर रही हैं। एक सच्चे का अभिभावक की भूमिका अदा कर रही हैं, इसका इजहार भी बच्चे कर रहे हैं। तभी तो भारतीय परम्परा अनुसार मनाई जाने वाली तीज त्यौहार में खुशियों पर कमी नही आने दिया जा रहा है। इस कार्य का कोई सानी नही है। विधायक के इस पुनीत कार्य को किसी तराजू में तौलना भी संभव नही है। पंडरिया के इतिहास में अमिट छाप छोड़ रखी है जो हमेशा याद रखने वाली बात है।
बच्चों के साथ रह कर सुखद अनुभूति भी विधायक करती हैं। ईश्वर ने पंडरिया के लिए जो जिम्मेदारी मुझे दी है, उसे हर संभव जनभावना के साथ खरा उतरने का प्रयास करती हूं। भगवान राम ने भी 14 बर्ष वनवास से विचलित नही हुए। लौटने के बाद जनता के बीज समदर्शी का भाव दिखाया था। उसी के याद में दिवाली मनाई जाती है। पंडरिया के साथ कोई भेदभाव बर्दाश्त नही किया जाएगा। विकाश में कमी नही होगी आवश्यक कार्रवाई निरंतर जारी है। सेमरहा के बच्चे मेरे परिवार के हिस्सा हैं।