BREAKING

आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशल जैन दादाबाड़ी में रविवार को टॉक शो में बच्चों ने कलयुग से पूछा, उसकी ताकत और कमजोरी

Share:

काम की बातें भूल जाते हैं, व्यर्थ की बातें याद रहती हैं : साध्वी मंजुलाश्रीजी

रायपुर - आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशल जैन दादाबाड़ी में रविवार को अध्यात्म सार ग्रंथ का पठन करते हुए साध्वी मंजुलाश्रीजी म.सा. ने कषायों के स्वरूप और उनके प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि काम की बातें किसी को याद नहीं रहतीं, लेकिन व्यर्थ की बातें लोगों को पूरी तरह याद रहती हैं। मनुष्य को यह समझने की जरूरत है कि उसका समय और चिंतन किस दिशा में जा रहा है।

साध्वीश्री ने कहा कि कषायों का संसार बहुत बड़ा है। व्यक्ति को इन्हें समाप्त करने की दिशा में पुरुषार्थ करते हुए धीरे-धीरे मंद करना होगा। कषाय सम्यक दर्शन की राह में बड़ी बाधा हैं। जब व्यक्ति क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों में उलझा रहता है तो उसकी मौलिकता भी खत्म होने लगती है। वह अपनी वास्तविक पहचान और आत्मस्वरूप को भूलकर बाहरी आकर्षणों में उलझ जाता है।


बच्चों ने ‘कलयुग’ से किया टॉक शो

प्रवचन के बाद दादाबाड़ी में बच्चों ने टीवी शो की तर्ज पर विशेष टॉक शो का मंचन किया। बच्चों ने इस रोचक प्रस्तुति के माध्यम से आज के समय में बच्चों के धर्म और संस्कारों से दूर होने के कारणों को सामने रखा। मंचन में बच्चों ने ‘कलयुग’ से बातचीत करते हुए उससे पूछा कि वह बच्चों को धर्म से दूर रखने के लिए क्या करता है।

कलयुग की भूमिका निभा रहे पात्र ने जवाब दिया कि उसने बच्चों के हाथों में मोबाइल दे दिया है और मां-बाप उन्हें रोक न सकें, इसलिए हर किसी की स्क्रीन अलग कर दी है। इसके साथ ही उसने बच्चों को ‘टाइम नहीं है, अभी बिजी हूं’ जैसी लाइन भी दे दी है। वेब सीरीज, फिल्में, ऑनलाइन शॉपिंग, गेमिंग और ऑनलाइन फूड जैसे साधनों को उसने ऐसे ‘तोहफे’ बताया, जिनमें बच्चे घंटों व्यस्त रह सकते हैं और धर्म व संस्कारों के लिए समय ही न निकालें।

मंचन में एक बच्चा अपनी बात रखते हुए कहता है कि उसने एक दिन में 10 घंटे का स्क्रीन टाइम देकर नया रिकॉर्ड बनाया है और पूरा दिन फिल्म देखने में बिताया। इसके माध्यम से बच्चों ने मोबाइल और डिजिटल मनोरंजन की बढ़ती आदत पर हास्य के साथ गंभीर संदेश दिया।

जब बच्चों ने कलयुग से उसकी कमजोरी पूछी तो उसने कहा कि जब कोई बच्चा साध्वीजी का प्रवचन सुनने जाता है और हर रविवार संस्कार शिविर में शामिल होता है, तब वह कमजोर होने लगता है। इसी संदेश के साथ बच्चों ने अपने टॉक शो का समापन किया।


बच्चों की इस प्रस्तुति ने मनोरंजन के साथ अभिभावकों और समाज के सामने यह सवाल भी रखा कि बच्चों को मोबाइल और डिजिटल दुनिया में व्यस्त रखने के बजाय उन्हें धर्म, संस्कार और अच्छे विचारों से जोड़ने के लिए परिवार को अपनी भूमिका कितनी मजबूत करनी होगी।

इस अवसर पर श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, ट्रस्टी नरेश बैदूमुथा, राजेंद्र गोलछा एवं उज्ज्वल झाबक तथा आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 समिति के सभी पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


सम्मेत शिखर तप की अनुमोदना में दादाबाड़ी में सजी भव्य ‘मेहंदी सांझ’

आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास 2026 के अंतर्गत श्रीमती कमलादेवी पुखराज जी लोढ़ा परिवार की ओर से श्री सम्मेत शिखर तप की अनुमोदना के लिए रविवार को श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी, एम.जी. रोड में भव्य ‘मेहंदी सांझ’ का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे शुरू हुई इस संगीतमय सांझ में बड़ी संख्या में श्रीसंघ के श्रद्धालु शामिल हुए और तपस्वियों की आराधना एवं त्याग की अनुमोदना की।

‘मेहंदी राचण लागी तपस्या रे नाम री...’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में कवर्धा की भजन गायिका पलक लोढ़ा ने भक्तिमय गीतों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को आध्यात्मिक रंग से भर दिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ तपस्वियों के प्रति अनुमोदना भाव में सहभागी बने।

कार्यक्रम में तप और साधना के प्रति श्रद्धा के साथ उत्साह का भी वातावरण देखने को मिला। Punctuality एवं Tap Housie का सहयोग रहा। मेहंदी सांझ का उद्देश्य सम्मेत शिखर तप कर रहे तपस्वियों के त्याग, संयम और तपस्या की अनुमोदना करना था।

आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रीसंघ के श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया और तपस्वियों के प्रति अनुमोदना भाव व्यक्त किया।

Share:

Popular News