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अमृतमयी शरद पूर्णिमा पर रायपुर में 'आत्मानुभूति': पूज्य मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ससंघ की उपस्थिति में सजेगा अलौकिक गुरु अवतरण महोत्सव।

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गुरुद्वय अवतरण महापर्व शरदोत्सव २०२६

रायपुर - जैन संत परंपरा के इतिहास में अद्वितीय संयोग एवं पावन बेला में राजधानी रायपुर की धर्मप्राण नगरी एक ऐतिहासिक और अलौकिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। सकल दिगम्बर जैन समाज, रायपुर के तत्वावधान में वी.आई.पी. रोड स्थित श्री राम मंदिर परिसर के श्री वाल्मीकि सभागार में दिनांक २५ अक्टूबर २०२६ (रविवार) को भव्य एवं गरिमामयी ‘शरदोत्सव वर्ष २०२६’ (गुरुद्वय अवतरण महापर्व) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न होने जा रहा है।

सकल दिगम्बर जैन समाज रायपुर के अध्यक्ष श्री संजय जैन नायक एवं सचिव श्री राजेश रज्जन जैन ने बताया कि यह महामहोत्सव इसलिए भी अत्यंत विशिष्ट और वंदनीय है क्योंकि इसी पावन तिथि शरद पूर्णिमा पर युगदीपक, समाधिस्थ राष्ट्रसंत आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज एवं वर्तमान परंपराचार्य आचार्य श्री १०८ समय सागर जी महाराज का एक ही पावन तिथि पर अवतरण दिवस यानी प्रकटोत्सव है। गुरुद्वय के इस पावन अवतरण को समूचा जैन समाज गुरुद्वय अवतरण महापर्व के रूप में श्रद्धा व उल्लास के साथ मना रहा है।

परम पवित्र मंगल सानिध्य के रूप में यह महामहोत्सव संत शिरोमणि आचार्यद्वय के परम प्रभावक शिष्यों के असीम मंगल सानिध्य में संपन्न होगा जिसमें प. पू. मुनि १०८ श्री आगम सागर जी मुनिराज, प. पू. मुनि १०८ श्री पुनीत सागर जी मुनिराज, प. पू. ऐलक १०५ श्री धैर्य सागर जी महाराज एवं प. पू. ऐलक १०५ श्री स्वागत सागर जी महाराज अपनी उपस्थिति से धर्मलाभ प्रदान करेंगे। संतों के सान्निध्य में होने वाले इस आयोजन से संपूर्ण रायपुर क्षेत्र जिनवाणी की स्वर लहरियों और गुरुभक्ति से आलोकित हो उठा है।

भक्ति, साधना और संस्कृति का यह त्रिवेणी संगम दोपहर बारह बजकर तीस मिनट से रात्रि आठ बजे तक अनवरत प्रवाहित होगा। कार्यक्रम के क्रम में दोपहर १२:३० बजे प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की स्तुति एवं रिद्धि-सिद्धि प्रदायक भक्तामर के वचनों के साथ श्री भक्तामर जी का संगीतमय मंगलपाठ होगा। इसके पश्चात दोपहर ०१:३० बजे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिनालयों के बहु-मंडलों द्वारा पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री जी की भव्य पूजन एवं नृत्य प्रतियोगिता की गुरुभक्ति से ओत-प्रोत मनोहारी प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दोपहर ०२:१५ बजे समाज के सेवाभावी एवं विशिष्ट योगदानकर्ताओं का गरिमामय अलंकरण समारोह होगा। दोपहर ०३:०० बजे धर्मप्रेमियों द्वारा कलात्मक एवं भावपूर्ण आरती सजाओ प्रतियोगिता की आकर्षक प्रस्तुतियाँ मंच पर लाई जाएंगी। दोपहर ०३:३० बजे चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ विद्वान वक्ताओं के प्रेरणादायी उद्बोधन होंगे तथा सुप्रसिद्ध कथक कलाकारों द्वारा आचार्यश्री के जीवनदर्शन पर आधारित भावपूर्ण नृत्य नाटिका ‘आत्मानुभूति’ प्रस्तुत की जाएगी। दोपहर ०३:४५ बजे संतों के मुखारविंद से कल्याणकारी मंगल प्रवचन के रूप में पूज्य गुरुदेव के अमृतवचन श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।

सायं ०५:०० बजे वात्सल्य भाव की जीवंत प्रस्तुति सांध्यकालीन स्वामीवात्सल्य प्रीतिभोज के रूप में होगी जिसमें सभी धर्मप्रेमी सहभोज का लाभ लेंगे। सायं ०६:३० बजे प्रतियोगिताओं में सजी आरतियों के साथ भव्य महाआरती, भक्तिमय भजनों की गंगा और उल्लासपूर्ण डांडिया रास का आयोजन होगा। रात्रि ०८:०० बजे कृतज्ञता ज्ञापन और आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का मंगलाचरण समापन एवं विश्राम होगा।

इस पावन आयोजन का स्थल श्री वाल्मीकि सभागार, श्री राम मंदिर परिसर, वी.आई.पी. रोड, रायपुर छत्तीसगढ़ रहेगा जिसके आयोजक एवं निवेदक सकल दिगम्बर जैन समाज, रायपुर छत्तीसगढ़ हैं। सकल दिगम्बर जैन समाज, रायपुर ने छत्तीसगढ़ आंचल के समस्त जैन एवं जैनेतर धर्मप्रेमी, श्रावक-श्राविकाओं से सपरिवार उपस्थिति की पुरजोर अपील की है ताकि इस महामहोत्सव में सम्मिलित होकर गुरुभक्ति का पुण्य अर्जित किया जा सके।

सूचनादाता - प्रणीत जैन (मीडिया प्रभारी)

सकल दिगम्बर जैन समाज, रायपुर

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