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परियोजना कार्यालय आंगनबाड़ी केंद्र कुपोषण के शिकार।

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पंडरिया - परियोजना कार्यालय पंडरिया की हालात देखकर लगता है, कि बीमार एकीकृत बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय के सामने नगर के वार्ड नंबर 9,10, दो वार्ड का आंगन बाड़ी केंद्र संचालित है, जो अव्यवस्था के शिकार होने के कारण बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी की तलाश हो रही है। पंडरिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पंडरिया कार्यालय से महज 300 मीटर दूर परियोजना कार्यालय है, बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, खेल, खेल में ज्ञान, कुपोषित बच्चों को पोषक आहार आदि दिया जा सके, इसे ध्यान में रखकर आंगनबाड़ी केंद्र सरकार ने स्थापना कर रखी है। पर असुविधाओं का दंश झेल रहे संचालित आंगनबाड़ी केंद्र को देखकर नही लगता है, कि जिम्मेदार अधिकारियों का नजर कभी बच्चो की हालात देखने भी पहुंचे हुए होंगे। निरीक्षण पंजी और उनके द्वारा लिखी गई सुझाव, उच्चाधिकारियों को लिखे गए पत्र को देखने पता चल सकेगा, कि कहीं अधिकारी ऑफिस में बैठकर ही तो अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नही कर रहे हैं। बच्चों के लिए संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली, पानी, शौचालय, खेल-कूद के सामान का अभाव है। रसोईघर अधूरा छोड़ दिया गया है। सुविधा के लिए अधिकारी को कार्यकर्ता, सहायिका, बार-बार अवगत तो करते हैं, पर उनकी बातें अनसुनी कर दी जाती है। कुछ सुविधा नगर पंचायत पंडरिया को उपलब्ध करना चाहिए, किन्तु बजट आबंटन के अभाव बताकर जिम्मेदारी से भाग खड़े हो रहे हैं। मतलब बच्चे और संचालित आंगनबाड़ी केंद्र दो पाटन के बीच पिसे जा रहे हैं, परियोजना कार्यालय की हालात देखकर भी लागत है, कुपोषण के शिकार हैं। उच्चाधिकारी भी कभी कार्यालय का निरीक्षण करने नही पहुंचते होंगे, इसलिए भी अव्यवस्थित होने के कारण कार्यालय परिसर स्वच्छ भारत अभियान को भी मुंह चिढाता हुआ दिखाई पड़ता है। बीमारू कार्यालय के बिजली कनेक्शन तार अप्रिय घटना को आमंत्रित कर रहा है। बहरहाल अब देखना ये है, कि समाचार प्रकाशन के बाद जिले के उच्चाधिकारी जिम्मेदार किसे मानकर कौन सी क्या कार्रवाई कर पाते हैं। जिससे आंगनबाड़ी केंद्र और कार्यालय की दशा दिशा में सुधार हो सकेगा।

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