पंडरिया - ग्राम पंचायत भरेवापारा के तत्कालीन सचिव को राशि गबन के मामले में निलंबन तो कर दिया गया है, राशि वसूली के अभाव में पंचायत कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। ग्राम पंचायत भरेवापारा के सरपंच पढ़ी-लिखी नही है, सचिव मुख्यालय में निवास नही करता था, ग्राम विकास के लिए आए राशि पर सचिव का नजरिया ठीक नही था। कम पढ़ी-लिखी महिला सरपंच होने का लाभ उठाते हुए सरपंच की फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी बिल के आधार पर राशि आहरण तत्कालीन सचिव के द्वारा कर लिया गया, इस बात की जानकारी सरपंच को होने पर तत्काल बैंक खाते की जानकारी लेने बैंक पहुंची, जहां पर 7,81,000/- की राशि आहरित होना बताया गया। जिसकी शिकायत जनपद पंचायत पंडरिया सहित जिला पंचायत कार्यालय, कलेक्टर, एस.पी. कार्यालय सहित जनप्रतिनिधियों तक नया की गुहार लगाई गई। जांच की कार्रवाई में सचिव द्वारा सहयोग नहीं किया गया, तब अधिकारी निर्देश के अवहेलना करने एवम् अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही तथा वित्तीय अनियमितता बरतने के कृत्य पर छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 में निहित प्रावधानों के विपरित होने से दंडनीय मानते हुए सचिव ललित बंधे को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा नियम 1999 का उल्लेख करते हुए तत्काल प्रभाव से 29-3-2022 को निलंबित किया गया। तब से पंचायत विकास कार्य ठप्प पड़ा हुआ है। ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती चंद्रिकाबाई चंद्राकर, उपसरपंच भाऊ राम, क्षेत्रीय जनपद सदस्य लिखित शिकायत करते हुए तत्कालीन सचिव से राशि 7,81,000/- रुपए वसूली कर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई करने मांग उच्चाधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से की गई है, ताकि ग्राम विकास का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।