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अग्निवीर योजना में युवाओं के भविष्य को आग में न झोंके केन्द्र सरकार - महेंद्र कोचर

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रायपुर - केन्द्र सरकार द्वारा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए लाई गई, अग्निवीर योजना के वर्तमान स्वरूप का जैन संवेदना ट्रस्ट ने विरोध किया है। इस योजना में भर्ती युवा का 4 वर्ष अपने भविष्य की अनिश्चितता की चिंता में ही बीत जावेगा। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने केन्द्र सरकार से संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पुनर्विचार की मांग की है, उन्होंने युवाओं से अपील की है कि ऐसी छलावे वाली योजना में भाग न लेते हुए इसमें सुधार की मांग की जानी चाहिए। तब तक सरकार को पुरानी भर्ती योजना जारी रखनी चाहिए। इस योजना से वे युवा जिन्होंने पुरानी योजना की तैयारी की थी व दो परीक्षाओं में भाग लिया था छला महसूस कर रहे हैं। केन्द्र सरकार हठधर्मिता से योजना थोपती है, तो कम से कम पेन्शन की व्यवस्था रखी जानी चाहिए, सरकार को किसानों, नौजवानों, बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए। इस योजना से प्रतिवर्ष हजारों युवा अनिश्चितता के साथ डिप्रेशन के शिकार हो जावेंगे। अग्निवीर योजना किसी के सामने भोजन की थाली रखकर वापस थाली खींच लेने जैसी है। फिर भूखा युवा क्या करेगा, कुछ युवा गलत मार्ग पर चल पड़े तो देश मे अराजकता की स्थिति हो सकती है, इस पर केंद्र सरकार को संवेदना, जागरूकता से विचार करना चाहिए। केन्द्र सरकार को युवाओं की देशभक्ति को रुपये पैसों से नही तौलना चाहिए, युवा देशभक्ति के साथ अपने व परिवार के सुरक्षित भविष्य की भावना से सेना में जाता है। इसमें से एक हिस्सा हटा दिया जाता है, तो युवा निश्चिंत होकर कैसे देशसेवा कर सकेगा। "अग्निवीर योजना ऐसी हो कि युवा चार वर्षों पश्चात किसी राजनैतिक पार्टी का नही अपितु जीवन भर देश का चौकीदार बने।" जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि सेना में पिछले दो वर्षों से भर्ती प्रक्रिया बाधित है, और सरकार ने केवल 46000 अग्निवीर की भर्ती तीनों सेनाओं की मिलाकर करने की योजना लाई है, उसमें से भी 35000 को निकाल दिया जावेगा, तो तीनों सेनाओं में कुल 11000 की प्रतिवर्ष भर्ती होगी, जबकि हजारों सैनिक प्रतिवर्ष रिटायर्ड हो रहे हैं, यह भी देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, और युवाओं के साथ धोखा है। सरकार अग्निवीर योजना में सुधार कर ज्यादा युवाओं को देशसेवा का मौका देवे।

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