पंडरिया - एक तरफ देश में बढ़ती हुई जनसंख्या का दबाव बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ बिना नियम कायदे कानून के कृषि भूमि पर अवैधानिक तरीके से प्लाटिंग कर बिना डायवर्शन के ही रिहायशी भूमि में तब्दील करने का काम प्रशासन के अधिकारियों के नाक के नीचे लाखों रुपयों के टैक्स चोरी कर अवैधकॉलोनियों का निर्माण जमीन खरीदी-बिक्री के नाम पर प्रापर्टी डीलर कर रहे है। नगर पंचायत पंडरिया अन्तर्गत वार्ड नंबर 7 लोरमी रोड़ व वार्ड 13 कुकदुर रोड़ के अलावा बिलासपुर, कवर्धा, पाढ़ी मार्ग में अवैध प्लाटिंग का काम बेरोक-टोक जोरों पर चल रहा है। नगर पंचायत पंडरिया के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं न फिर राजस्व विभाग व ग्राम पंचायत के अधिकारी कर रहे हैं। इसका सीधा सा मतलब ये है, कि आपसी सामंजस्य स्थापित कर मामले को अंजाम दे रहे हैं। अवैध रूप से प्रॉपर्टी डीलर का काम कर रहे लोगों के द्वारा गरीबों की जमीन सस्ती कीमत में खरीद कर लाखों रुपयों में बिना डायवर्सन के प्लाटिंग का स्वरूप दे बेच रहे हैं। अधिकारी आते-जाते इन कार्यों को देखकर भी अनजान बने हुए हैं। जानकार लोगों की माने तो जिस जमीन पर खरीदी बिक्री प्लाटिंग कर जमीन दलाल कर रहे हैं, वह पूर्णतः गलत है। कालोनाईजर एक्ट का कहीं भी उपयोग जमीन दलाल नही कर रहे हैं। नहीं रजिस्ट अधिकारी व राजस्व विभाग के अफसरों के द्वारा नियम कायदे कानून हवाला दे रहे हैं।रजिस्ट्री पर कमीशन के मोटी रकम लेे अंजाम दे रहे हैं । राजस्व विभाग के अमला भी इस मामले में संलिप्तता है, बिना किसी नियम का पालन किए बिना ही बिक्री छांट की कार्यवाही कर देता है। स्थल निरीक्षण की कार्यवाही रजिस्ट्रीकरण व राजस्व अधिकारी करते तो जमीन दलालों के द्वारा रोज नए-नए प्लाटिंग का काम कर रहे हैं, उस पर रोक लगाई जा सकती है, गरीबों को भी जमीन का उचित कीमत मिलने के साथ ही रजिस्ट्री पर शासन को मिलने वाली टैक्स की राशि भी सही मिल सकता है। पर अपनी निजी हित लाभ को देखते हुए राजस्व की कड़ी से जुड़े अमला बगैर जांच पड़ताल किए ही अपनी मंजूरी दे रहे हैं, परिणाम स्वरूप शहर गांवों में सड़क किनारे खेती किसानी की जमीन पर अवैध प्लाटिंग का काम चल रहा है। इस विषय पर चिंता करते हुए समय रहते ठोस व उचित वैधानिक कार्रवाई सरकार और प्रशासन नही करती है, तो वह दिन दूर नही जब खेती किसानी के उपयोग में लाई जाने वाली जमीन ही कम पड़ जाय।