स्वस्थ्य विभाग का अफसर कर्मचारियों को कर रहा गाली गलौच, जिले में प्रशासनिक सर्जरी की आवश्यकता।
"कार्रवाई के लिए कद्दावर मंत्री का कोई खौप नही"
"निरंकुश अफसर पर कब होगी कार्रवाई"
"वीडियो हुआ वायरल
कवर्धा :- जिले के इतिहास में पहली बार इस किस्म की घटना एक वीडियो के माध्यम अपने अधीनस्थ कर्मचारियों गंदी -गंदी गाली+गलौज करते हुए सामने आया है उस पर जिलाप्रशासन और सरकार कोई त्वरित कार्रवाई नही करने से लोगों की जान बचाने वाले स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के साथ जनमानस विपरित प्रभाव पड़ता हुआ संदेश जा रहा है।
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कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य विभाग के अफसर पी.सी.प्रभाकर निचले स्तर पर काम कर रहे कर्मियों को इस कदर मां की गाली-गलौच कर रहा है। इस बात का प्रमाण वायरल वीडियो करता है। अब तक अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को गाली गलौच करते हैं, सुनने में ही आता था किन्तु स्वास्थ्य विभाग के इस अफसर का वीडियो सुना व देखा जा सकता है, जो सामने आ गया है। ये अफसर बड़े निडरता और निरंकुशता के साथ बेखौफ होकर सरेआम कार्यालय में मां को गाली देते हुए घूम रहा है। उसकी वीडियो बनाई जा रही है। डिजिटल युग में भी डर नही है, इसका सीधा सा मतलब अफसर किसी मादकपदार्थ का सेवन किया हुआ था तभी तो मदहोशी में घुम-घुम कर गाली दे रहा था। उस आदमी की भी तारीफ होनी चाहिए, जिसने इस वीडियो को बनाया है और वायरल कर दिया है। इसका सीधा सा मतलब निकलता है, कि स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ ठीक नही चला रहा है। विभाग के कर्मचरियों के साथ अब तक दो से तीन महीने के अंदर लगभग 50 कर्मचारियों के साथ कोई न कोई मामला को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। कार्यवाही के खिलाफ कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए थे। बेरोजगारी की मार झेल युवायुक्ति मिला हुआ काम से बेदखल होने के डर से आंदोलन स्थगित कर वापस लौट आए हैं, किन्तु सच्चाई ये है कि कर्मचारियों में आक्रोश का ज्वाला अंदर ही अंदर धधक रहा है। इसका परिणाम है कि जो वीडियो सामने आया है, जिले की प्रशासनिक ब्यवस्था छिन भिन्न है, जो इस बात को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ सरकार के कद्दावर मंत्री मोहम्मद अकबर के जिले में इस किस्म की घटना भी प्रशासनिक कमजोरियों को उजागर करता है। जिले के अफसर भले ही मंत्रीजी को खुश रखने के लिए इर्दगिर्द घूमाते हैं, सब कुछ अच्छा होने का प्रमाण देते हैं, किन्तु सही मायने में सब कुछ ठीक नही चला रहा है। जिले में प्रशासनिक स्तर पर सर्जरी की आवश्यकता है। मंत्रीजी के अपने वनविभाग की बात की जाय तो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतन नही मिल रहा है। अधिकारी इन कर्मचारियों को बजट नही होने का हवाला देकर आए दिन कार्य से निकाल देने का धमकी देते रहते हैं। इस बात की शिकायत भी 7-7-2022 को किए हैं। वनविभाग का कार्य भी बहुत अच्छा नही है, अधिकांश कार्य ठेकेदारों को दे दिया गया है। तालाब खोदने का काम जेसीबी मशीनों से कराया गया है। भुगतान के लिए रोज वन मंडल कार्यालय चक्कर काटते नजर आते हैं। एक ओर वन परिक्षेत्र में रहने वाले गरीब आदिवासी बैगा जनजाति वर्ग के लोगों के हाथों को काम मिलना चाहिए था नही मिला गरीबों के हाथ के बजाय ठेकेदारों के जेसीबी मशीन को कम मिला है। कराए गए निर्माण कार्य के बिल वाउचर की गहनता से जांच कराई जाने की जरूरत है। उन दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई भी होना चाहिए, अवैध कब्जा वनों की कटाई तो आम बात है। खैर अभी तो फिर हाल कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य विभाग में घटित घटना के संबंध में बात चल रही है। वीडियो के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अफसर जो विभागीय कर्मचारियों को अभद्रतापूर्ण गाली गलौच करा रहा है, उस पर सक्त वैधानिक कार्रवाई होना चाहिए ताकि भविष्य में इस किस्म के दुहशासी अफसर अन्य विभाग के कर्मचारियों के साथ व्यवहार न कर सके।