प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बिना विचलन स्वीकृति के ही लाखों करोड़ों का घोटाला, आर. टी.आई. ने किया खुलासा, भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास।
रामकुमार टंडन
कवर्धा - प्रधानमंत्री ग्राम सड़क एक ऐसी योजना है, जो लोगों की अपेक्षा व आकांक्षाओं से भी ऊपर उठकर सपने की सोच को साकार करने का प्रयास सरकार ने की है। जिससे ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने का सफल प्रयास किया गया। जो धरातल पर देखने को भी मिला रहा है। किन्तु निर्माण एजेंसी के अफसर ठेकेदार की मिलीभगत से करोड़ों रुपयों का भुगतान अपनी स्वार्थपूर्ति के लिए नियम कायदे कानून को दरकिनार करते हुए कबीरधाम जिले में शासन को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।
कबीरधाम जिले के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की पैकेज क्रमांक सी. जी. 09 121 बिना विचलन स्वीकृति के कार्यपालन अभियंता, सबइंजीनियर के मिलीभगत से शासन के द्वारा बनाई गई नियमो को शिथिल करते कबीरधाम जिले के विभागीय अफसर मोटी रकम कमाई को ध्यान रखकर करोड़ों रुपयों का भुगतान ठेकेदार को करके लाखों रुपयों का बन्दर बांट किया जाना प्रमाणित दस्तावेज के आधार पर होने को सामने आया है।
इस पैकेज में आइटम नंबर 1,2 और 6 सड़क चौड़ीकरण मिट्टी कार्य पर धांधली हुई है। 3 में सोल्डर, 4 नंबर में जी एस बी (GSB) आइटम नंबर 5 पक्की नाली निर्माण, 7 डामरीकरण, 8 कांक्रीटीकरण में लगाए गए मटेरियल्स पर धांधली किया है, जिसमें आम तौर लोगों की निगाह नही जाती है। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज उच्चअधिकारियों को की गई शिकायत पर मामला उजागर हुआ है।

शिकायत में आइटम नंबर 1 3.3,(1) BOQ में रामपुर सड़क पर मात्रा 4560.59 घन मीटर के स्थान पर 9845 घन मीटर भुगतान बिना विचलन स्वीकृति के ही कर दिया गया है, इसी प्रकार आइटम नंबर 2 में 3.4/(2) BOQ में 3357.92 के स्थान पर 6925 घन मीटर का भुगतान हुआ है। तीसरा आइटम नंबर 3.12(1) में रामपुर सड़क पर 11630.930 घन मीटर के स्थान पर 12844.68 घ.मी. का भुगतान व रणजीतपुर सड़क में 13711.13 घ.मी. के स्थान पर 22714.81 घ.मी. का बिल भुगतान दर्शाया गया है। चौथा आइटम नंबर 4.1(1) विरेंद्रनगर सड़क पर मात्रा 0 घा.मी. के लिए एम.बी. रिकार्ड के आधार पर 215.055 घ.मी.का भुगतान बताया गया है। पांच आइटम नंबर 6.6 नही है, फिर भी आर्थिक लाभ लेने के चक्कर में मोटी कमीशन पर अफसरों की भूमिका होना बताता जा रहा है, कि क्रमशः रामपुर में 89.मीटर विरेंद्रनगर में 1517 मीटर सोंझरी में 1457.10 नालीनिर्माण भुगतान बिना विचलन स्वीकृति के ही कर दिया गया है। छठवा आइटम नंबर 3.2(2) पर 4560.39 घ.मी. के बदले 9842 घ.मी. निर्माण कार्य होना दर्शाकर सक्षम अधिकारी के बिना स्वीकृति के ही भुगतान किया गया है। सात आइटम नंबर 5.7 (2) रणविरपुर सड़क निर्माणकार्य में डामरीकरण के लिए 140 रुपया प्रतिवर्ग मीटर प्रंकलान के आधार पर कीमत लिखा गया है, किन्तु अधिकारी ने अपने मनमाफिक दर निर्धारित कर बिना सक्षम अधिकारी के विचलन स्वीकृति के ही 153 रुपए के दर से भुगतान कर दिया है। आठ आइटम नंबर 6.1(2) रामपुर एवम् वीरेंद्रनगर सड़क निर्माण 0 पर कागजी घोड़ा दौड़ाकर 823.9 घ.मी. तथा 304.5 घ.मीटर का भुगतान दर्शाता है, कि कबीरधाम जिले के कार्यपालन अभियंता और उनके मार्ग निर्देशन में कार्य को अंजाम देने वाले अफसरों के मिलीभगत पर शासन को करोड़ों रुपयों का नुकसान पहुंचकर एक बड़ी राशि पर बन्दरबांट होना स्वाभाविक सा मतलब निकाला जा सकता है।
आपको बताते चले कि सभी बिल भुगतान 26-7-2021 को कार्यालय के द्वारा प्राप्त प्रमाणित दस्तावेज में दर्शाया गया है। यहां पर यह भी बताना आवश्यक है, कि भुगतान 26-7-2021 को हो गया है, अपने द्वारा किए गए नियम कायदे कानून को अनदेखा कर छुपाने भ्रष्ट्राचार पर पर्दा डालने के लिए विचलन स्वीकृति लिया जाना बताया गया है। मुख्यअभियंता छत्तीसगढ़ ग्राम सड़क विकास अभिकरण सिविल लाईन रायपुर ने 21-3-2022 आदेश क्रमांक 3294 को स्वीकृति जारी किया है। उसमे में आदेश के सीरियल क्रमांक 8 व13 में स्पष्ट रूप से लिखा गया है, कि जिला कवर्धा के परियोजना क्रियान्वयन इकाई को सर्तों के आधार पर दिया गया आदेश के सीरियल क्रमांक 8 पर लिखा गया है। आइटम में किसी प्रकार के विचलन होने पर नियमानुसार सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त किया जावे। 13 में लिखा है BOQ में शामिल आयटमो के अतिरिक्त आयटम अतिरिक्त है, तो संपादन के पूर्व सक्षम अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त कर लिया जावे जो कि ऐसा नहीं किया गया है। करोड़ों रुपयों के घोटाले बिना विचलन स्वीकृति के ही कर दिया है। इसकी जांच उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर सर्वप्रथम कार्यालय प्रभारी को निलंबित कर किया जाना चाहिए।