PMGSY में लाखों रुपयों की रायल्टी चोरी, दोषियों पर FIR दर्ज कर हो जाँच।
रामकुमार टंडन
कवर्धा - जिले के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माण पर क्रियान्वयन एजेंसी अफसर के मार्ग-निर्देशन में पैकेज क्रमांक 121 में लगे अधिकारियों की भूमिका लाखों की रायलटी चोरी में शामिल होने को लेकर मानी जा सकती है। कौन से उच्च अधिकारी है, जो इस कार्यालय के माध्यम लगातार हो रहे अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है।
जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क पैकेज क्रमांक CG 09 121के अन्तर्गत परियोजना क्रियान्वयन इकाई कवर्धा के अन्तर्गत सड़क निर्माण कार्य कराया गया है। जिसमे निर्माण एजेंसी में लगे अफसरों के द्वारा किसे लाभ पहुंचाने के लिए लाखों रुपयों का भुगतान एम.बी. रिकार्ड में काली कमाई रूपी स्याही पर अंकित कर शासन को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया गया है। जिसे केंद्र व राज्य की प्रशासनिक टीम नही पकड़ पा रही है। हाल ही आडिट टीम आई हुई, वह भी इतने बड़े कमियों को पकड़ने में असफल रही है। इस पर उच्चस्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है। इस्टीमेट में जो मटेरियल लगाया जाना लिखा गया है। उस आधार पर उपयोग में लाई गई सामग्री के हिसाब से रायल्टी काटी जानी चाहिए, किन्तु कार्य को अंजाम देने में लगे निर्माण एजेंसी के अफसरों ने काली कमाई का जरिया बना शासन-प्रशासन के आखों में धूल झोंककर बहुत बड़ी राशि का नुकसान पहुंचने का काम किया है।

इस बात की सच्चाई जानने के लिए PMGSY बिल की मात्रा लिखा गया है, व MB में रिकार्ड किया गया है, उस पर साफ देखा जा सकता है। BILL OF QUANTITY एवम् M.B. में जो अंकित कर रायल्टी चोरी किया गया है, सीरियल क्रमांक 12,21,35,36 में पढ़ा व देखा जा सकता है। निर्माण कार्य में लगाए जाने के लिए मटेरियल का जो मात्रा लिखा है, उस आधार पर भुगतान कराया जाता तो शासन को लाखों रुपयों का नुकसान होने से बचाया जा सकता था, किन्तु अफसरों के द्वारा रिकार्ड में चोरी कर दिया है। जिसका नुकसान लाखों रुपयों के रूप में रायलटी से मिलने वाली राशि का हुआ है। इस राशि से जनता के लिए विभिन्न विकास पर खर्च किया जाना होता है। जानकार तकनीकी अधिकारियों कि माने तो इस खेल में ऊपर से नीचे तक शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
खैर इस दोष के लिए जो भी अफसर जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ पुलिस थाने में FIR दर्ज कर वैधानिक कड़ी कार्रवाई किया जाना चाहिए। क्योंकि 221 के पैकेज में पहले तो बिना विचलन स्वीकृति के ही लाखों रुपए का भुगतान किया गया।इससे मिलने वाली लाभ पर मन नहीं भरा तो इस कार्य को अंजाम देने वाले अफसरों ने राशि की बन्दर-बांट करने के बाद लाखों रुपयों का रायल्टी चोरी को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है।